<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276</id><updated>2012-01-14T06:51:50.903-08:00</updated><title type='text'>Heal and Health</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>58</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4158615109580676479</id><published>2009-11-04T00:51:00.000-08:00</published><updated>2010-05-06T01:08:43.879-07:00</updated><title type='text'></title><content type='html'>क्या आप जानते हैं&lt;br /&gt;दही मुँह का दुर्गंध मिटाती है&lt;br /&gt;दही का सेवन करने से मसूड़ों की बीमारी व दाँतों की बीमारी कम होती है। दही में पाये जाने वाले बैक्टीरिया मसूड़ों एवं दाँतों की रक्षा करते हैं। ये मुँह के हानिकारक बैक्टीरिया को बैलेंस रखने में मदद करते हैं। दही रोज खायें, साँसों में ताजगी पायें।&lt;br /&gt;पपीते खाने से क्या फायदा है&lt;br /&gt;पपीता में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे आपकी त्वचा में निखार आता है। त्वचा जवां नजर आती है, झुर्रियाँ कम पड़ती हैं, त्वचा में पतलापन व सूखापन नहीं होता। विटामिन सी हमारी त्वचा के लिए जरूरी है। यह त्वचा को जरूरी पोषण देता है।&lt;br /&gt;केसर बड़े काम की चीज है&lt;br /&gt;केसर गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान है। केसर इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इससे गर्भस्थ शिशु का अच्छा विकास होता है, यानी शारीरिक और मानसिक विकास। यह माँ को शक्तिशाली बनाता है। केसर सुरक्षित डिलिवरी के वास्ते बेहद जरूरी है। यह स्त्रियों की शारीरिक सुंदरता को बनाये रखता है। त्वचा में निखार लाता है। गर्भवती महिलाओं को रोज जरा सा केसर डाल कर दूध उबाल कर पीना चाहिए।&lt;br /&gt;क्या आप जानते हैं कि नारियल तेल से आपकी सुंदरता बढ़ती है। यह हमारी त्वचा को खूबसूरत बनाता है। यह त्वचा का रूखापन दूर करता है। यदि एड़ियाँ फटी हों, तो रात को लगा कर सो जायें, कुछ दिनों में ठीक हो जायेगा। यह त्वचा के दाग-धब्बे व निशान को साफ करता है। बालों को चमकदार बनाता है, उन्हें पोषण देता है। चेहरे व शरीर पर नारियल तेल की हल्के हाथों से मालिश करें। यह झुर्रियों को उम्र से पहले आने से रोकता है।&lt;br /&gt;क्या आप जानते हैं कि छाछ गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में अमृत है। इसे सेंधा नमक, भुना जीरा, काली मिर्च डाल कर लें। यह पाचन क्रिया ठीक रखने और शरीर को फुर्तीला रखने में सहायक है।&lt;br /&gt;क्या आप जानते हैं कि दवा से बेहतर व्यायाम है?&lt;br /&gt;क्या छोटे, क्या बड़े, क्या मोटे, क्या पतले, क्या किसी खास बीमारी के शिकार हैं यानी रक्तचाप मधुमेह में विशेषज्ञ की सलाह से व्यायाम करें। हर तरह के विकार को दूर कर चुस्त, दुरुस्त व फुर्तीला बनायेगा। व्यायाम का रूटीन बनाये रखें।&lt;br /&gt;क्या आप जानते हैं कि आहार को ताकतवर कैसे बनाया जाये?&lt;br /&gt;रोजाना आहार में फल-सब्जियों को जगह अवश्य दें।&lt;br /&gt;चोकर सहित (मोटा आटा) पुराना तथा बिना पॉलिश का चावल खायें।&lt;br /&gt;डिब्बा बंद आहार की जगह घर का सादा ताजा भोजन करें।&lt;br /&gt;थोड़ी मात्रा में सूखे मेवे अवश्य लें।&lt;br /&gt;नमक जरा कम लें।&lt;br /&gt;प्रतिदिन 10 गिलास पानी पियें।&lt;br /&gt;सब्जियों को पकाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल करें।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें अधिक जानकारी के लिये-धन्यवाद&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4158615109580676479?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4158615109580676479/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4158615109580676479' title='4 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4158615109580676479'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4158615109580676479'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/11/10.html' title=''/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>4</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-2545459439246773258</id><published>2009-09-01T00:56:00.000-07:00</published><updated>2009-09-01T01:00:44.688-07:00</updated><title type='text'>स्वाइन फ्लू</title><content type='html'>स्वाइन फ्लू के वायरस को गर्म मौसम बढने नहीं देता जैसे जैसे मौसंम ठंडा होता है इसके वायरस बढते हैं. स्वाइन फ्लू क्या है-यह एक वायरल डिजीज है जो एच-1 एन-1 ए टाइप इनफ्लुएंजा वाइरस की वजह से होता है. हवा में सांस के जरिये इन्फेक्शन फैलता है .स्वाइन फ्लू छोटे बच्चों में भी हो सकता है यह बीमारी हर उम्र के लोगों पर अपना असर डालती है.इसमें फीवर के साथ जुकाम,आंखो से पानी बहना,बुखार आना तथा खाना पीना बंद होने लगता है मरीज सुस्त होने लगता है.छोटे बच्चे अधिक रोने लगते हैंइस तरह की कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाये जांच के लिये.स्वाइन फ्लू से डरने से ज्यादा जरूरी है इसकी जानकारी रखना  व सावधान रहना, अपना बचाव करना.&lt;br /&gt;उन लोगों को अधिक सावधान रहना चाहिये जिन्हें-पहले से ही फेफडे, किडनी, दिल से जुडी बीमारी,या अस्थमा के मरीज हैंया फिर वो लोग जो पहले से ही किसी फ्लू टाईप के शुरूआती लक्षण से गुजर रहे हैं कारण इन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है तो इस तरह के वायरस अपना असर इन पर जल्दी दिखाते हैं.&lt;br /&gt; बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण --यदि बच्चा जोर जोर से सांस ले रहा हो तो या सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा हो. बच्चा ठीक मात्रा में पानी नहीं पी रहा हो. त्वचा का रंग नीला पड़ रहा हो. बच्चा सुस्त पड़ता जा रहा हो गोद में लेने से अधिक रोता हो. त्वचा पर रैशेज नजर आ रहे हों तो तुरंत डॉक्टर के पास जायें.&lt;br /&gt;बडों में एच-1,एन-1 स्वाइन फ्लू इनफ्लुएंजा के लक्षण-&lt;br /&gt;सांस लेने में परेशानी,सीने में दर्द या दबाव  महसूस होना,अचानक एच-1,एन-1 स्वाइन फ्लू सर दर्द उल्टियां या उबकाई आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जायें. &lt;br /&gt;एच-1,एन-1 स्वाइन फ्लू (वायरस) जानलेवा नहीं है मगर इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर इसका असर हमारे पूरे श्वसन तंत्र को गहराई तक प्रभावित करती है.&lt;br /&gt;यदि घर में कोई स्वाइन फ्लू का पेशेंट हो तो क्या करें—&lt;br /&gt;इसके वायरस का असर कम से कम सात दिन तो रहता ही है इस कारण मरीज को घर के एक ऐसे कमरे में रखें जहाँ हवा अच्छी तरह आती जाती हो मरीज सिर्फ अपने कमरे में ही रहे बाहर न निकले  जहां घर के बाकी सदस्य हों.मरीज अकेला ही सोये उस कमरे में यदि संभव न हो तो दूसरा सोने वाला व्यक्ति दूसरी तरफ मुंह करके सोये तथा मास्क पहनकर रहे यदि मास्क ,संभव न हो तो साफ कपडा मुंह पर बांध कर रखे.&lt;br /&gt; *मरीज स्मोमिंग न करे&lt;br /&gt;*दूसरों के संपर्क में न आयें&lt;br /&gt;*डॉक्टर के संपर्क में रहें&lt;br /&gt;मरीज के कमरे में पूरी तरह साफ सफाई रखें &lt;br /&gt;स्वाइन फ्लू से डरे नहीं बस सावधानी बरतें तथा होने से पहले कुछ उपाय करें तथा होने के बाद ढंग से इलाज करें –&lt;br /&gt;आयुर्वेदिक उपाय &lt;br /&gt;इन उपायों में ,से कोई एक ही अपनाए—&lt;br /&gt;चार ,छै तुलसी के पत्ते लें ,एक टुकडा अदरक ,एक चुटकी काली मिर्च पावडर तथा एकचुटकी हल्दी पावडर इन सब को पानी या चाय में डाल कर उबालकर दिन में कम से कम तीन बार पियें.&lt;br /&gt; आधा चम्मचहल्दी को एक पाव दूध में उबालकर पियें&lt;br /&gt;आधा चम्मच हल्दी एक बडा चम्मच शहद के साथ लें&lt;br /&gt;डेढ ग्लास पानी में एक चम्मच सूखा धनिया ,एक छोटी इलायची उबालकर रख लें यही पानी छानकर  दिनभर थोडा थोडा पियें ।&lt;br /&gt;आधा कप पानी में आधा चम्मच आंवला पावडर डालकर दिन में तीन बार पियें इससे इम्यून पावर बढता है।&lt;br /&gt; अगर आप इनमें से कोई उपाय नहीं कर सकते तो बाजार से जोशांदा का पैकेट लाकर तीन ग्लास पानी में एक पुडिया जोशांदा की डालकर  उबालें जब पानी आधा रह जाय तो इसे थोडा थोडा कर के घर के सभी लोग पियें.जोशांदा में गुलबनफशा होता है ये एंटी एलर्जिक होता है।&lt;br /&gt;करौंदा किसी भी रूप में अवश्य खायें&lt;br /&gt;इन दिनों  बाहर का खाने से बचें&lt;br /&gt; मौसमी फल, सब्जियां, तथा सभी प्रकार की दालें खायें&lt;br /&gt;तरल अधिक मात्रा में लें जैसे जूस,मठठा,नींबू पानी,सूप तथा पानी अधिक मात्रा में पियें.&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-2545459439246773258?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/2545459439246773258/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=2545459439246773258' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2545459439246773258'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2545459439246773258'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/09/blog-post.html' title='स्वाइन फ्लू'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-555354463064401646</id><published>2009-07-14T23:06:00.000-07:00</published><updated>2010-05-06T01:09:42.364-07:00</updated><title type='text'>बाल</title><content type='html'>बाल ....&lt;br /&gt;भारतीय संस्कृति में नारी के बाल उसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते है इसलिये बाल की खूबसूरती के लिये हम प्राकृतिक तरीके आजमायेंगे। कृत्रिम तरीके तो बाजार में बहुत से हैं जिन्हें हर आदमी नहीं इस्तेमाल कर सकता, जबकि उससे भी बढ़कर लाजवाब तरीके खुद आपके पास है आपके घर में रसोई में भंडार भरे हैं। बाल का काले चमकीले, घने और बड़े करने के तमाम तरीकें यहां मौजूद है।&lt;br /&gt;बालों की उत्त्पति त्वचा के नीचे स्थित रोम कूट से होती है। प्रत्येक रोम कूप के नीचे रोम कोशिका या पैपिला होती है यही पैपिला है जो रक्त धमनियों से पोषक तत्व ग्रहण करती है नये बालों को जन्म देती है सामान्य व्यक्ति के 60 से 70 बाल रोजाना झड़ते हैं बालों में रूसी होना बालों के प्रति लापरवाही की निशानी है। रूसी से बचने के लिये बालों की नित्य सफाई, कंघी करना जरूरी है। साबुन का प्रयोग कम करें।(&lt;br /&gt;हमारे शरीर में तीन तरह के विकार होते है वात,पित्त,कफ।&lt;br /&gt;हमारे बाल रूखे हो जाते है कारण नैचुरलऑयल खत्म हो जाने सें ।बाल सफेद होते हैं पित्त की गर्मी तथा के यूस की वजह से।आयरन की कमी से बाल जड़से कमजोर हो जाते हैं।इसके लिये बादाम तेल की मालिश करें सर पर ।ऑलिव ऑयल खायें रूखे बालों को पोषण देने के लिये।बालों को स्वस्थरखने के लिये प्रोटीन युक्त आहार लेंदूध तथा उससे बनी चीजें इनसे प्राप्त सिसरेन तथा जलेरीन प्रोटीन निलता है।बाल बढने की गति एक महीने में एक सेंटीमीटर होती है ये सर्दियों में कम तथा गर्मियों में जल्दी बढते हैं।&lt;br /&gt;गंज- हरी धनिया का रस लगाने से नये बाल निकलने लगते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुलेठी पावडर पानी मिलाकर पेस्ट बनाले अब इसे गंज पर लगायें रोजाना रात को, सुबह अधिक शैंपू इस्तेमाल न करें।&lt;br /&gt;-शुद्द आंवले के तेल में नींबू का रस निचोड़कर सरपर लगाये ।&lt;br /&gt;-काली मिर्च पावडर नींबू के रस में मिलाकर सर की त्वचा पर लगायें जल्द फायदा होगा ।&lt;br /&gt;-अरहर की दाल को पीसकर लेप सर पर लगायें गंज पर जल्दी बाल बढेंगे ।&lt;br /&gt;-मीठी नीम की पत्तियां खाने मेजितना ज्यादा इस्तेमाल कर सकते है करें ।&lt;br /&gt;गंज- बाल टुटे स्थान पर लहसुन का रस लगायें सूखने इस प्रकार नित्य तीन बार लगायें गंज के स्थान पर बाल आ जायेंगे। हरी धनिया का रस दिन में तीन बार गंज पर&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बालों को काला घना बनाने के और भी तरीके हैं।&lt;br /&gt;जैसे बालों को धोकर सुखा लें फिर प्याज का रस व एक चौथाई मात्रा में अदरक का रस गर्म नारियल तेल के साथ, आंवला पावडर, शिकाकाई पावडर, मेहंदी बालों को लगा दें। दो घंटे बालों को धो लें। चमत्कारी लाभ होगा। इसके अलावा नारियल तेल, बादाम तेल, जैतुन तैल, तिल का तेल नीम की सूखी पत्ती, आंवला,खसखस, शिकाकाई मिलाकर तेल उबाल लें इस तेल को रख लें। छानकर, इससे पुरानी रूसी जाती है।&lt;br /&gt;बाल झड़ने बंद हो जाते हैं। अन्य परेशानियों के लिये डॉक्टर का परामर्श लें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बाल काले ,घने करना- प्याज पीसकर बालों पर लेप करें बाल काले उगने लगेंगे।&lt;br /&gt;सिर धोने से पहले सरसों का तेल में एक नींबू का रस मिलाकर सिर धोने से रूसी दूर हो जाती है तथा बालों की जड़ें मजबूत होती है।&lt;br /&gt;रूसी दूर करने के लिये एक कप सिरका पानी मिलाकर लगाया जा सकता है। सप्ताह में एक बार बालों को दही,छाछ, नींबू के रस अथवा आंवले के पावडर से धोना चाहिये। रोयैदार तौलिया में लपेट कर सुखाना चाहिये झटकना नहीं चाहिये।&lt;br /&gt;तेज धूप में न सुखायें। बाल अच्छी तरह सुखने के बाद कोई शुद्ध तेल लगाना चाहिये। हो सके तो नारियल का तेल ही लगायें।&lt;br /&gt;दही से बाल धोने से बाल मुलायम, चमकीले, लम्बे हो जाते हैं। मस्तिष्क को भी बल मिलता है।&lt;br /&gt;नीम व बैर के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे सर धोने से झड़ना बंद हो जाते है।&lt;br /&gt;भाप- सप्ताह में एक बार भाप भी देना चाहिये। गरम तौलिये से बाल को लपेट कर रखें।&lt;br /&gt;जैतून तेल की मालिश भी करनी चाहिये। फिर गर्म पानी के तौलिये से भाप देना चाहिये।&lt;br /&gt;नशीली चीजों का सेवन करने से बाल झड़ते हैं।&lt;br /&gt;शैंपू में प्रायः रसायन एवं कैमिकल्स होते है। अतः नियमित प्रयोग से बालों को नुकसान होता है। बार-बार सिर में लगाने वाला, तेल बदलते नहीं रहना चाहिये।&lt;br /&gt;सरसों, नारियल, आंवला तेल बालों के लिये फायदेमंद होता है। खुशबुदार तेल से बचना चाहिये। इससे असमय ही बाल सफेद होने की समस्या देखने में आती है।&lt;br /&gt;दही में चुटकी भर काली मिर्च मिलाकर बाल धोने से बाल काले होते हैं।&lt;br /&gt;आम के कोमल पत्ते और नर्म टहनियों का हरा-हरा पीसकर बालों में लगाने से कुछ ही हफ्तों में बालों का झड़ना पकना रूक जाता है।&lt;br /&gt;मैथी के पत्ती को पीसकर बालों पर लगाएं साथ ही मैथी के बीज का चूर्ण आधा-आधा चम्मच रोज दो बार खाने से बालों के झड़ने पकने में बहुत फायदा होता है।&lt;br /&gt;युवावस्था में बाल झड़ते पकते हों तो निम्न प्रयोग आजमायें।&lt;br /&gt;काले तिल और भृंगराज को अलग-अलग कूट कर पीस कर महीन कर लें बराबर मात्रा में मिलाकर पांच ग्राम की मात्रा में लेकर गुड या मिश्री मिलाकर रोजाना सुबह सेवन करें।&lt;br /&gt;बालों को काला घना बनाने के और भी तरीके हैं।&lt;br /&gt;जैसे बालों को धोकर सुखा लें फिर प्याज का रस व एक चौथाई मात्रा में अदरक का रस गर्म नारियल तेल के साथ, आंवला पावडर, शिकाकाई पावडर, मेहंदी बालों को लगा दें। दो घंटे बालों को धो लें। चमत्कारी लाभ होगा। इसके अलावा नारियल तेल, बादाम तेल, जैतुन तैल, तिल का तेल नीम की सूखी पत्ती, आंवला,खसखस, शिकाकाई मिलाकर तेल उबाल लें इस तेल को रख लें। छानकर, इससे पुरानी रूसी जाती है।&lt;br /&gt;बाल झड़ने बंद हो जाते हैं। अन्य परेशानियों के लिये डॉक्टर का परामर्श लें।&lt;br /&gt;खानपान में हरी सब्जी, फल खायें, 1 दिन में 10-12 गिलास पानी पियें। आंवला पानी में भिगोये उस पानी को पिये बाल चमकदार होंगे। घने होंगे।&lt;br /&gt;-कुछ लोग बालों को डाई करते हैं। उन्हें हमेशा सूखे बालों की शिकायत रहती है। ऐसे में दूध में केला मथकर बालों को लगायें या पपीते को मथकर इससे रूखा पन दूर होता है। यदि दो मुंहे बाल हों या ज्यादा टूटते हों तो प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिये या विटामिन ई कैप्सूल लें। यदि किसी कारणवश बाल ज्यादा धोना पड़े तो शैंपू में दूधया दही मिलाकर धोना चाहिये, ऊपर बर्फीला पानी तथा बियर बराबर मात्रा में मिलाकर फिर से धोये इसे बाल में कंघी करने केश सेटिंग दो-तीन दिन तक खराब नहीं होगी।&lt;br /&gt;लौकी- बालों को लम्बा व मजबूत करने के लिये सहायक है। लौकी का रस निकालकर जैतुन या तिल का तेल मिलाकर धूप में 1 घंटा रखें। उपरांत सर की मालिश करें।&lt;br /&gt;ज्यादा मीठा या, मैदे युक्त भोजन बालों को खराब करता है। सेहतमंद बालों को प्रतिवर्ष छः इंच उगना चाहिए।&lt;br /&gt;-जैलेटिन यानी जैली बालों की सेहत के लिये अच्छी है। विटामिन युक्त खाना जैसे दालें, आम पपीता, खायें विटामिन बी की गोलियां लें।&lt;br /&gt;-बालों का झड़ना, पतला होना, रूसी, दो मुहें बाल हों तो एक नींबू के रस में दो-चार, सूखे आंवले का चूर्ण एक चम्मच रोगन बादाम अच्छी तरह बालों की जड़ों में लगाये, एक घण्टे के बाद मेहंदी का लेप पूरे बालों में लगाये दो घंटे बाद धो लें। हफ्ते में दो बार करें रूसी जायेगी। बालों में चमक आयेगी।&lt;br /&gt;-धतुरे की पत्तियों का रस बालों में लगाये जुऐं मर जाती है।&lt;br /&gt;-धतुरे के रस में कपूर मिलाकर किसी वस्त्र पर लेप कर दें। अब उस कपड़े को सर पर बांध कर सो जायें, प्रातः सर को धोने से, लीक जुऐं भरी हुई निकल जायेगी। खाने में अत्यधिक नमक पापड़ टमाटर लेने के आदि होने से बाल जल्दी झड़ते है। इस आदत को छोड़े दें।&lt;br /&gt;-रूसी निकालने के लिये नींबू सबसे अच्छा उपाय है नींबू में दही मिलाकर लगायें पुरानी रूसी खत्म होगी।&lt;br /&gt;-फलों का प्रयोग हेयर पैक के रूप में किया जाता है।&lt;br /&gt;-चमेली के फूलों को नारियल तेल में उबालकर लगाने से बाल काले एवं घने होते हैं।&lt;br /&gt;-बाल काले करना- प्याज के रस का लेप करने से बाल काले रंग के उगने लगेंगे।&lt;br /&gt;-गुड़हल के फूल व पत्ती पीसकर बालों में लगाने से बाल काले, बड़े होते हैं।(आजमाया फार्मूला)&lt;br /&gt;--यदि आप चाहते हैं कि आपके बाल हल्के और फूले रहें तो आप दही में नींबू का रस मिलाकर मिश्रण को अच्छी तरह बालों में लगा लें। अब इसे धूप में सुखायें, सूखने पर धो लें। बाल फूले व हल्के रहेंगे।&lt;br /&gt;-यदि आप जहां रह रही हैं वहां का पानी खारा है तो बाल को शैंपू करने के बाद चाय पत्ती के पानी से या लाल सिरके से बालों को धोयें।&lt;br /&gt;-यदि आप चाहते हैं कि आपके बाल चमकदार लगे तो जो भी शैंपू आप इस्तेमाल कर रही हैं उसमें दही मिलाकर खूब रगड़ दे बालों में दस मिनट तक लगा रहने दें। अब धोयें बाल खूब चमकदार,स्वस्थ लगेंगे।&lt;br /&gt;-यदि आपने बाल सेट करवाये हैं और दो, तीन दिन इसे खराब नहीं करना चाहतीं तो बिना तकिया के सोयें। कंघी करते वक्त नींबू का रस बालों पर लगायें। बालों को स्वस्थ्य रखेने के लिये विटामिन बी युक्त खाना जैसे- दालें, आम, पपीता खायें।&lt;br /&gt;केश का झड़ना- आम के कोमल पत्ते और नाजुक टहनियों को पानी के साथ पीसकर बालों में लेप करें। आधे घंटे बाद धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें अवश्य बालों का झड़ना बंद हो जायेगा।&lt;br /&gt;बाल बढ़ाना-&lt;br /&gt;*बरगद की जटा पीस लीजिए, इसमें नींबू का रस मिलाकर इसका लेप बना लीजिए। इसे बालों की जड़ों में अच्छी तरह से लगाना चाहिए। एक घंटे बाद नींबू के जल से धो लें। फिर नींबू का रस मिलाकर नारियल का तेल लगाना चाहिए।&lt;br /&gt;*अरहर की दाल का पेस्ट बालों की जड में लगायें&lt;br /&gt;*लौकी कद्दूकस उसका पानी निकालकर बालों की जडों में लगायें&lt;br /&gt;*तोरई (सब्जी) को छोटा छोटा काटकर सुखा लें इसे जैतून या नारियल के तेल में इतना पकाये कि तोरई जल जाय तेल ठंडा होने पर उसे हाथ से मसलकर तेल छान लें अब इसे लगायें।&lt;br /&gt;रूसी से बचने के ऊपाय&lt;br /&gt;रूसी से बचने के ऊपाय एक च .शुध्द् सिरका पानी में डालकर रूई से सर की त्वचा पर लगाये रात मे सर पर कपडा बांध ले ताकि बिस्तर खराब न हो सुबह ,शैपू कर ले औरफिर सिरके की विधि दुहरायें इस तरह हफ्ते मे एक बार करे तीन माह तक।&lt;br /&gt;*बालो को गरम तौलिये से भाफ दे&lt;br /&gt;*.एसप्रिन की गोलिया गुनगुने पानी मे डालकर बालो की उससे मालिशकरे 15.20मि.बाद बालोको साफकर ले&lt;br /&gt;एक भाग सेबका रस तीन भाग पानी डालकर सर कीत्वचा मे लगाये लगभग बीस मिनट तक मले फिर सर धो ले&lt;br /&gt;*डेढ चम.काली मिरच ,दो च सिरका ,एक नीबू का रस आधा कप मलाई वाला दूध,अच्छी तरह मिलालो अब सर की त्वचा पर मालिश करे एक घंटे बाद शैपू करें इसतरह हफ्ते मे दो तीन बार करें।&lt;br /&gt;एक च .शुध्द् सिरका पानी में डालकर रूई से सर की त्वचा पर लगाये रात मे सर पर कपडा बाध ले ताकि बिस्तर ख राब न हो सुबह ,शैपू कर ले औरफिर सिरके की विधि दुहरायें इस तरह हफ्ते मे एक बार करे तीन माह तक .&lt;br /&gt;*बालो को गरम तौलिये से भाफ दे&lt;br /&gt;*5.6एसप्रिनकी गोलिया गुनगुने पानी मे डालकर बालो की उससे मालिशकरे 15.20मिनट .बाद बालोको साफ कर लें।&lt;br /&gt;एक भाग सेबका रस तीन भाग पानी डालकर सर कीत्वचा मे लगाये लगभग बीस मिनट तक मले फिर सर धो ले&lt;br /&gt;*डेढ चम.काली मिरच ,दो च सिरका ,एक नीबू का रस आधा कप मलाई वाला दूध,अच्छी तरह मिलालो अब सर की त्वचा पर मालिश करे एक घंटे बाद शैपू करें इसतरह हफ्ते मे दो तीन बार करें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;केश झड़ रहे हैं? परेशान न हों&lt;br /&gt;कारण और निवारण-&lt;br /&gt;वैसे तो केशों का गिरना व नये केशों का उगना प्रकृति का नियम है, परंतु हर समय काफी संख्या में केशों का गिरना चिंता का विषय है। इसे समझने की जरूरत है, घबराने की नहीं। यह जानना जरूरी है कि इसका कारण क्या है और इसका निवारण क्या है?&lt;br /&gt;केश टूटने के आम कारण-&lt;br /&gt;• हमेशा तनाव में रहना&lt;br /&gt;• पूरी नींद न लेना&lt;br /&gt;• आहार संतुलित न होना&lt;br /&gt;• केशों को कस कर बांधना&lt;br /&gt;• केशों को गंदा रखना&lt;br /&gt;• अधिक गर्म पानी से केशों को धोना&lt;br /&gt;• केशों को बिना तेल सूखा रखना&lt;br /&gt;• केशों में रूसी का होना&lt;br /&gt;• किसी लंबी बीमारी का होना&lt;br /&gt;निवारण-&lt;br /&gt;• अपने आहार पर ध्यान दें, अधिक पानी पियें&lt;br /&gt;• केश धोने के लिए साधारण गर्म पानी लें न अधिक गर्म न अधिक ठंडा&lt;br /&gt;..केशों को साफ रखें, गंदे केश अधिक उलझते हैं&lt;br /&gt;• नींद ठीक से और पूरी लेने की कोशिश करें&lt;br /&gt;• तनाव पर काबू रखें, थोड़ा योग करें&lt;br /&gt;• कभी-कभी केशों को स्टीम दें&lt;br /&gt;• दिन में कई बार केशों पर कंघी करें, इससे तैलीय ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं&lt;br /&gt;• रात को सोते समय केश खोल कर या ढीला बांध कर रखें&lt;br /&gt;• केशों को केमिकल ट्रीटमेंट न दें&lt;br /&gt;• हेयर ड्रायर कम से कम इस्तेमाल करें&lt;br /&gt;• केश को धोने के बाद तौलिये से न झटकें और न ही लपेट कर जोर से कस कर बांधें&lt;br /&gt;*जब बाल अधिक झड़ते हों- तांबे की कटोरी में दही डाल कर उसमें तांबे के तीन-चार छोटे-छोटे टुकड़े डाल दें। 3-4 दिन बाद उन टुकड़ों से दही को घिसें, अब दही हरे रंग की हो जायेगी। इस दही को अच्छी तरह सिर पर मलें, आधे घंटे बाद बालों को रीठी शिकाकाई से धो लें।&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस u r l  .को क्लिक करें अधिक जानकारी के लिये-धन्यवाद &lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-555354463064401646?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/555354463064401646/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=555354463064401646' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/555354463064401646'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/555354463064401646'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/07/blog-post_2818.html' title='बाल'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6069266155181581219</id><published>2009-03-26T03:11:00.000-07:00</published><updated>2009-03-26T03:12:48.480-07:00</updated><title type='text'>प्याज</title><content type='html'>प्याज की अहमियत&lt;br /&gt;प्याज – एक ऐसी सब्जी है जो हर तबके के लोग खाते हैं रोज के भोजन का अभिन्न अंग है कुछ चीजें ऐसी है जो अंजाने में खाते हैं पर वह हमारे शरीर के लिये फायदेमंद होता है। प्याज गर्म प्रकृति का होता है। यह हमें रोजमर्रा की तमाम परेशानियों से दूर रखता है।&lt;br /&gt;लू लगना- गर्मियों में हम प्याज रोज जरूर खायें। जब भी आप खाना खाऐ। आपको लू लगने से बचायेगा। अगर लू लग गई हो तो प्याज का रस दो चार चम्मच पियें रस कनपटी व छाती पर मलें। एक छोटा सा प्याज अपने पॉकेट में रखे रहें।&lt;br /&gt;बाल काले- प्याज पीसकर बालों पर लेप करने से बाल काले रंग के उगने लगेंगे।&lt;br /&gt;गंज दूर करना- प्याज का रस रगड़े सर पर जहां के बाल उड़ गये हैं। बाल दुबारा पैदा होने लगेंगे। गिरने बंद भी हो जायेंगे। &lt;br /&gt;पथरी- प्याज के रस में चीनी मिलाकर शर्बत बनाऐं व पथरी से पीड़ित व्यक्ति को दें। पथरी खुदबखुद कट-कट कर गिरेगी। प्याज का रस प्रातः खाली पेट पीने से मूत्राशय की पथरी छोटे-छोटे कणों के रूप में बाहर निकलती है। अधिक मात्रा में, एक बार में न लें। थोड़ा-थोड़ा लें।&lt;br /&gt;पेशाब बंद हो जाये तो- 1-2चम्मच प्याज को पीसकर और इतना ही गेहूं का आटा डालकर हलुआ बना लें। इसे हल्का गर्म कर पेट पर इसका लेप लगाऐं पेशाब आ जायेगा। प्याज को पानी में उबालकर पीने से पेशाब संबंधी सभी आम परेशानियां दूर हो जाती है।&lt;br /&gt;गठिया- सरसों के तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करें। आराम मिलेगा।&lt;br /&gt;हर प्रकार के आम सर का दर्द ठीक करता है। प्याज सर में दर्द हो तो प्याज पीसकर पैरों के नीचे तलुओं में लगाऐं। प्याज को काटकर सूंघने से सर में दर्द ठीक होता है। &lt;br /&gt;फोड़े फुन्सी हो तो – प्याज को पीसकर हल्दी, गेहूं का आटा, शुद्घ घी, थोड़ा जल डालकर हल्का गर्म कर पुल्टिस बनाऐं। और बांध दें, फोड़ा फूटकर मवाद निकल जायेगा। ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।&lt;br /&gt;शक्ति देता है- एक चम्मच प्याज का रस, दो चम्मच शहद मिलाकर चाटें।&lt;br /&gt;मर्दाना ताकत का टॉनिक है प्याज- प्याज खाने से पूरे शरीर में एक तरह की हलचल पैदा करता है। मतलब शारीरिक कृत्रिम क्रियाओं को बढ़ावा देता है। पुरूषों की हर तरह की कमी को पूरा करता है। स्त्रियों का मासिक धर्म ठीक करता है। &lt;br /&gt;आयु बढ़ाता है- पहले के लोग इसका अधिक सेवन करते थे सो दीर्घायु होते थे। गरीबों का भोजन का अहम व अभिन्न अंग है इसके सेवन से तमाम शारीरिक व्याधियों खुद व खुद खत्म हो जाती है। जिन चीजों के लिये आप डॉक्टर के पास नहीं जा सकते तो प्याज अधिक खायें। जवानी बनाये रखता है। &lt;br /&gt;चेहरे पर चमक लाता है। सबसे अधिक प्याज मर्दाना ताकत बढ़ाता है। मर्दों का सबसे अच्छा टॉनिक है।&lt;br /&gt;सांप काट ले तो- प्याज का रस 15 ग्राम सरसों का तेल 15 ग्राम दोनों मिलाकर रोगी को पिला दें। ये एक बार की मात्रा है ऐसी दिन तीन बार खुराक पिलानी है। - जहर उतर जायेगा रोगी ठीक होगा।&lt;br /&gt;जुकाम- प्याज से बनी दवा- ऐलियम सीपा 30, की आठ-आठ गोलियां 3-3 घंटे पर पांच दिन में लें। जुकाम, छीके, नाक बहना ठीक हो जाता है। प्याज स्वभाव से गर्म होता है सर्दियों में खाने से जुकाम ठीक करता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6069266155181581219?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6069266155181581219/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6069266155181581219' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6069266155181581219'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6069266155181581219'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/03/blog-post_2976.html' title='प्याज'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4057298969873548500</id><published>2009-03-26T02:52:00.001-07:00</published><updated>2010-05-06T01:18:15.575-07:00</updated><title type='text'>लम्बी उम्र के लिये</title><content type='html'>लम्बी उम्र के लिये साकारात्मक एवं सक्रिय सोचके साथ कुछ और भी जरूरी है।&lt;br /&gt;साकारात्मक एंव साकारात्मक सोच के साथ-साथ इन्हें भी (लहसुन, संतरा, नींबू, आंवला) जोड़े तो सोने में सुहागा जैसा होगा।&lt;br /&gt;शोध से सिद्ध हुआ है कि साकारात्मक सोच एवं सक्रियता से तनाव मुक्त होते हैं वृद्धावस्था देर से आप तक पहुंचती है, लम्बा जीवन पाना कुछ-कुछ आपके हाथ में भी हो सकता है। स्वस्थ जीवन शैली एवं रचनात्मक सोच वृद्धावस्था की गति को धीमी कर देती है। वृद्धावस्था में अपने अंदर कोई शौक पालें या फिर उन शौक को पूरा करने की सोचें जो पहले आप सोचकर भी नहीं कर पाये, साथ-साथ अगर आप वृद्धावस्था से पहले की अवस्था से ही अपने खाने-पीने का ख्याल रखें ज्यादा ना नुकुर वाली आदतें छोड़ दें तभी ये सब संभव है जैसे लहसुन- हृदय के लिये लाभकारी है।&lt;br /&gt;रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। इसे कच्चा खाने पर मुंह से बदबू आती है पर फिर भी ये लहसुन भोजन का एक अभिन्न अंग है। वैज्ञानिकों द्वारा शोध में पाया गया है कि लहसुन हृदय को स्वस्थ रखता है।&lt;br /&gt;लहसुन शरीर में रक्तवाहिनियों को लचीला बनाती है तथा खून के बहाव को बढ़ाता है, खून को गाढ़ा होने व जमने से बचाता है। लहसुन हृदय एवं श्वसन संबंधित गड़बड़ियों को कम करता है। लहसुन कई बीमारियों का अनिष्टकारी तत्व है। अधिक उम्र तक जवान दिखेंगे चेहरे पर चमक होगी।&lt;br /&gt;संतरा- एक संतरा प्रतिदिन सेवन करने से चहरे पर झुर्रिया नहीं पड़ती उम्र हो जाने पर भी, कारण इसमें मौजूद विटामिन सी है जो चमड़ी पर उम्र का असर नहीं दिखाता है। अमेरिका में शोध कर्ता इस नतीजे पर पहुंचे है कि इसमें मौजूद विटामिन सी त्वचा को कमनीय बनाये रखने वाली प्रोटीन की मात्रा पायी जाती है सो नींबू भी भोजन में जोड़ें। अगर बढ़ती उम्र के साथ विटामिन सी, पर्याप्त मात्रा में लिया जायें तो त्वचा पर उम्र का असर बहुत कम पड़ता है।&lt;br /&gt;नींबू- सदाबहार फल है यह थकान दूर करता है। नींबू कई बीमारियों से बचाता है। दमा व खांसी जुकाम वालों को नींबू का सेवन नहीं करना चाहिये। नींबू अधिक अम्लीय होता है इस कारण इसमें काला नमक मिलाकर लेना उचित है नींबू वर्षा काल में अधिक फायदेमंद होता है। वर्षाकालीन बीमारियों से बचाता है। नींबू प्याज पर काला नमक, भुना पिसा जीरा, काली मिर्च डालकर खाने से भूख बढ़ती है। अधिक उम्र में भारी बदन होने पर शहद व नींबू की शिकंजी बनाकर पियें। वजन घटेगा।&lt;br /&gt;आंवला- आंवले में सारे रोगों को दूर रखने की शक्ति है आंवला अमृत फल कहलाता है। आंवले के सेवन से बूढ़ों को आश्चर्यजनक स्फूर्ति व शक्ति प्रदान मिलती है। यादश्त बढ़ाता व दुरूस्त रखता है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। सूखें आंवले का गुण, टूटी हड्डियों को जोड़ने वाला भी होता है। एक चम्मच पिसा आंवला रात को पानी या दूध से लें कब्ज दूर होता है। सूखा आंवला पीस लें इसे दो चम्मच भरकर रोटी के साथ नित्य खायें। बुढ़ापा देर से आयेगा। जवानी बनी रहेगी।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; क्लिक करें अधिक जानकारी के लिये धन्यवाद&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4057298969873548500?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4057298969873548500/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4057298969873548500' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4057298969873548500'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4057298969873548500'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/03/blog-post_4631.html' title='लम्बी उम्र के लिये'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6351735928519026904</id><published>2009-03-26T02:45:00.000-07:00</published><updated>2010-05-06T01:19:23.860-07:00</updated><title type='text'>तेलों में छिपे महत्व को समझें</title><content type='html'>शरीर के विकास के लिये अतिरिक्त कैलोरी की जरूरत होती है तेल कैलोरी का एक मुख्य व ठोस स्त्रोत है ।बच्चों को इसकी जरूरत करीब- करीब अठारह बीस साल की उम्र तक अधिक होती है इसके बाद अतिरिक्त तेल का जरूरत धीरे धीरे कम पडती जाती है और अगर फिर भी आप लगातार अधिक तेल इस्तेमाल करते रहे तो मोटापे के साथ-साथ और कई बीमारियों के शिकार हो सकते है ।कारण तेल में होने वाले कोलेस्ट्रॉल जो हमारे क् लिये नुकसाल दायकककक होता है ।ज्यादातर सभी तलों गी फूड़वैल्यू एक जैसी होती है ।तेल का मेडिकल नाम ट्रइग्लाइसराइडहैं ।तेल अपने में खुद बेस्वाद होता है परंतु सब्जियों में स्वाद उसमें डाले गये मसाले तथा नमक के कारण होता है । &lt;br /&gt;1. नीम का तेल-  नीम के कड़वा होने के बावजूद भी उसमें अनेक गुण हैं। इसका तेल चर्म रोगों में लाभदायक है। कारण यह जीवाणुओं का नाश करता है। नीम के निंबोली का तेल गर्भ निरोधक के रूप में काम आता है। पायरिया रोग में इस तेल की कुछ बूंदें टूथ पेस्ट में डाल कर ब्रश करें। मुंह की बदबू खत्म होगी। मसूड़ों के रोग नष्ट होंगे। इसका तेल बाजार में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;2. जैतून का तेल-  जैतून का तेल कोई साधारण तेल नहीं है। इसकी मालिश से शरीर काफी आराम मिलता है। यहां तक कि लकवा जैसे रोगों तक को ठीक करने की क्षमता रखता है। इससे अगर आप महिलाएं अपने स्तन के नीचे से ऊपर की ओर मालिश करें, तो स्तन पुष्ट होते हैं। सर्दी के मौसम में इस तेल से शरीर की मालिश करें, तो ठंड का एहसास नहीं होता। इससे चेहरे की मालिश भी कर सकते हैं। चेहरे की सुंदरता एवं कोमलता बनाये रखेगा। यह सूखी त्वचा के लिए उपयोगी है।&lt;br /&gt;3. तिल का तेल- तिल विटामिन ए व ई से भरपूर होता है। इस कारण इसका तेल भी इतना ही महत्व रखता है। इसे हल्का गरम कर त्वचा पर मालिश करने से निखार आता है। अगर बालों में लगाते हैं, तो बालों में निखार आता है, लंबे होते हैं।&lt;br /&gt;जोड़ों का दर्द हो, तो तिल के तेल में थोड़ी सी सोंठ पावडर, एक चुटकी हींग पावडर डाल कर गर्म कर मालिश करें। तिल का तेल खाने में भी उतना ही पौष्टिक है विशेषकर पुरुषों के लिए।&lt;br /&gt;4. अलसी का तेल- जिस तरह अलसी तमाम औषधीय गुणों से भरपूर है, उसी तरह इसका तेल भी महत्व रखता है। अगर त्वचा जल जाये, तो अलसी का तेल लगाने से दर्द व जलन से राहत मिलती है। इसमें विटामिन ई होता है। इसका कुष्ठ रोगियों को सेवन करना चाहिए। त्वचा पर लाभ होगा।&lt;br /&gt;5. अरण्ड का तेल- इस तेल से सिर पर मालिश करने पर ठंडा महसूस होता है। बालों की जड़ों को मुलायम बनाता है। अरण्ड का तेल दो चम्मच दूध में डालकर अगर सेवन करते हैं, तो कब्ज की शिकायत दूर होती है। पेट की किसी भी तकलीफ में अरण्ड का तेल दवा जैसा काम करता है। शरीर पर लगाने से त्वचा का रंग साफ होता है। इसके सेवन से स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;6. मूंगफली का तेल- जिस तरह मूंगफली पौष्टिक होती है। उसी तरह उसका तेल भी लाभदायक होता है, पचने में हल्का। इसके सेवन से प्रोटीन मिलता है। रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कंट्रोल करता है। इसलिए हृदय रोगी इसका सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है। इसके मालिश से चर्म रोगों में आराम मिलता है।&lt;br /&gt;7. सरसों का तेल- सरसों का तेल मालिश करने पर शरीर के रक्त संचार को बढ़ाता है। थकान दूर करता है। नवजात शिशु एवं प्रसूता की मालिश इसी तेल से करनी चाहिए। सर्दियों में इस तेल की मालिश लाभदायक है। सरसों के तेल को पैर के तलुओं में सुखाने से थकान तुरंत मिटती है तथा नेत्रज्योति बढ़ती है। दाद, खाज, खुजली जैसे चर्म रोग से निजात पायी जा सकती है। चर्म रोग पर सरसों का तेल, आक का तेल, हल्दी डाल कर गर्म करें। ठंडा हो जाने पर लगायें। सरसों का तेल गुनगुना कर पिंडलियों पर लगायें, दर्द ठीक हो जायेगा। गठिया पर सरसों के तेल से मालिश करने पर आराम मिलता है।&lt;br /&gt;सरसों का तेल नियमित रूप से बालों पर लगाते रहने से बाल समय से पहले सफेद नहीं होते। सरसों के तेल में सेंधा नमक डाल कर मसूड़ों की मालिश करें। पायरिया ठीक होगा। मसूड़ों से खून आना बंद होगा। बच्चों या बड़ों को जुकाम हो जाये, तो तेल में लहसुन पका कर तेल वापस थोड़ा ठंडा होने पर सीने पर मालिश करें। सर्दी-जुकाम ठीक हो जाता है।&lt;br /&gt;8. राई का तेल- राई का तेल निमोनिया रोग से बचाव करता है। इस तेल की हल्की-हल्की मालिश कर के गुनगुनी धूप लें। इस तरह नियमित रूप से करने पर निमोनिया में फायदा होता है।&lt;br /&gt;9. नारियल का तेल- नारियल के तेल में कपूर मिला कर यदि त्वचा पर लगायें, तो दाद, खाज, खुजली की शिकायत दूर होती है। यदि त्वचा जल जाये, तो तुरंत नारियल का तेल उस पर लगायें, निशान नहीं पड़ेगा। उस पर कुछ दिनों तक लगाते रहें। यह तेल बालों के लिए भी बेहतर होता है।&lt;br /&gt;10. आंवले का तेल- इसमें विटामिन सी और आयरन होता है, जो बालों के लिए पोषक है। बालों के लिए आंवले का तेल बहुत अच्छा है।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; क्लिक करें अधिक जानकारी के लिये धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6351735928519026904?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6351735928519026904/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6351735928519026904' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6351735928519026904'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6351735928519026904'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/03/blog-post_26.html' title='तेलों में छिपे महत्व को समझें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-5865384317902917216</id><published>2009-03-06T02:16:00.000-08:00</published><updated>2010-05-06T01:22:26.407-07:00</updated><title type='text'>इम्यून सिस्टम</title><content type='html'>इम्यून सिस्टम क्या है?&lt;br /&gt;जो व्यवस्था हमारे शरीर की सुरक्षा करती है उसे इम्यून सिस्टम कहते हैं। ये हमारे शरीर पर हो रहे जहरीले तत्वों के हमले से लड़ने का काम करती है। हमारे शरीर की श्वेत रक्त कणिकाऐं पता लगाती हैं कि शरीर में कोई बाहरी विषैला तत्व तो नहीं प्रवेश कर गया है। इस बात की पहचान ये श्वेत रक्त कणिकाऐं करती है। शरीर में आये विजातीय तत्वों पर हमला कर उन्हें शरीर से बाहर निकालने के लिये उस पर हमला करती है।&lt;br /&gt;विशेष – यही कारण है कि जब भी किसी व्यक्ति में कोई अंग प्रत्यारोपण किया जाता है तो उसका इम्यून सिस्टम की आक्रमण क्षमता को कम कर देते हैं। ताकि वह उस बाहरी अंग तत्व को स्वीकार कर पाये वरना अंग आसानी से स्वीकार नहीं करेगा। हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम कमजोर क्यों हो जाता है।&lt;br /&gt;हमारा खानपान तथा आज की बिगड़ती जीवन शैली इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। अधिक एंटीबॉयटिक दवाओं के लेने से भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। हम छोटी-छोटी बिमारियों में भी तेज असरदार एंटीबॉयोटिक दवाऐं लेते हैं।&lt;br /&gt;इम्यून सिस्टम को कमजोर होने से कैसे बचायें-&lt;br /&gt;इम्यून सिस्टम को ठीक व तंदरूस्त रखने के लिये हमें पौष्टिक आहार लेना चाहियें। तनाव से दूर रहें, व्यायाम, योग करें अपनी जीवन शैली को सुधारें। बिना मतलब दवाईयां इस्तेमाल न करें। बाहरी खाने की वस्तुओं (जंक फूड, फास्ट फूड, रिफांइड शुगर) इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, अच्छी जीवन शैली इम्यून सिस्टम को बढ़ाती है।&lt;br /&gt;इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिये पोषक तत्व – जैसे&lt;br /&gt;प्रोटीन – सबसे अहम रोल निभाता है इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में ताकतवर बनाने में। शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिले तो शरीर का इम्यून सिस्टम बराबर रहता है जैसे हमारा वजन अगर 50 किलो है तो दिन में हमें 50 ग्राम प्रोटीन किसी भी जरिये से लें। मगर लें जरूर यह शरीर की जरूरत है अगर आप इसे पूरा नहीं करते तो – इसका नुकसान भी उठाना पड़ता है और वो नुकसान है अपना इम्यून सिस्टम को खुद कमजोर करना। प्रोटीन हम दूध, अंडा, सोयाबीन, दालें और पनीर आदि से भरपूर मात्रा में ले सकते हैं।&lt;br /&gt;धूप में बैठे – सुबह की धूप में इम्यून पावर बढ़ाने के गुण होते हैं।&lt;br /&gt;कुछ बीमारियां ऐसी भी होती हैं जिसमें धूप अहम रोल निभाती है जैसे पीलिया छोटे बच्चों को जिन्हें दवा भी नहीं दे सकते, वायरल इन्फेक्शन कुछ फंगस डिसीज इन सबके इलाज के लिये सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रदूषण की वजह से ये भी दूषित होती जा रही है परन्तु सुबह की धूप थोड़ी बहुत तो ले ही सकते है।&lt;br /&gt;सफेद शक्कर से बचें – शक्कर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है। यहां तक कि शहद, गुड जैसी प्राकृतिक चीजें भी इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है इस कारण इनका अधिक सेवन नहीं करना चाहिये। बिना शक्कर वाली चीजों का इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बीटा कैरोटीन लें – जैसे गाजर, आम, पपीता, टमाटर और पीले कद्दू में पाया जाता है। इम्यूनिटी बढ़ाने में इनका कोई जवाब नहीं है। बीटा कैरोटीन सप्लीमेंट लेने की कोशिश न करें।&lt;br /&gt;विटामिन ए, ई, सी इम्यून सिस्टम की क्षमता को जबरदस्त बना देती है श्वेत रक्त कणिकाओं को विषैले तत्व से लड़ने की क्षमता बढ़ा देती है।&lt;br /&gt;बिटामिन ए, सी, ई – तमाम अध्ययनों से यह पता चला है कि ये तीनों विटामिन्स इम्यून सिस्टम को जबरदस्त बनाते हैं।&lt;br /&gt;( हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की भरपूर शक्ति देते हैं। इसकी वजह से हमें कई रोग आसानी से नहीं घेर पाते जैसे हर मौसमी बीमारियां ज्यादतर)&lt;br /&gt;नतीजन वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन की स्थिति में ये तीनों विटामिन एटीऑक्सीडेंट्स, फ्रीरेडिकल्स को प्रभावहीन बना देते हैं ।श्वेत रक्त कणिकाओं की विषैले तत्वों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। मतलब ये हुआ कि जितना अधिक फ्रीरेडिकल्स निकले हमारे शरीर को उतना ही अधिक नुकसान पहुंचता है आप ऐसी स्थिति में इस एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा लेकर बीमारी के दौरान अपने शरीर में होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विटामिन ए – हरी पत्तेदार सब्जियों से टमाटर, आम, पपीता, दूध, अंडे की जर्दी, कद्दू, गाजर, संतरा, खरबूज में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।&lt;br /&gt;विटामिन सी – नींबू प्रजाति के सभी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, आंवला, अंकुरित काबुली तथा हरे चने में खूब मिलता है।&lt;br /&gt;विटामिन ई – हरी पत्तेदार सब्जियां, गेहूं, दूध, अंडा तथा सभी अंकुरित अनाज, मूंगफली, दही, मटर, केला इत्यादि।&lt;br /&gt;जिंक – हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम को बनाये रखने के लिये जिंक की एक निश्चित मात्रा होना जरूरी है। एड्स के मरीजों को डॉक्टर जिंक की सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। कैंसर के रोगी के लिये भी उतना ही जरूरी है।&lt;br /&gt;जिंक के स्त्रोत – मांस, मछली, सभी दालें। गेहूं, ज्वार, जिंक की कमी होने से डिप्रेशन की शिकायत पायी जाती है।&lt;br /&gt;शरीर का विकास ठीक तरह से नहीं होता है।&lt;br /&gt;ओमेगा 3 फैटी ऐसिड – इम्यून सिस्टम के अच्छी स्थिति में रखने के लिये इसकी अहम भूमिका है यह गिरिदार फलों, बीजों, चर्बीदार मछलियों, सी फूड में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।&lt;br /&gt;जिनसेंग – यह एक प्रकार की जडी बूटी होती है। जो बाजार में टैबलेट और कैपसूल के रूप में उपलब्ध है।&lt;br /&gt;जरूरी जानकारी – सफेद शक्कर इम्यून सिस्टम के लिये नुकसानदायक है ये हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है। यहां तक कि कोई भी मीठी चीज हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। सो मीठा कम इस्तेमाल करें। &lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; क्लिक करें अधिक जानकारी के लिये धन्यवाद&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-5865384317902917216?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/5865384317902917216/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=5865384317902917216' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5865384317902917216'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5865384317902917216'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/03/blog-post.html' title='इम्यून सिस्टम'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-791630394821833053</id><published>2009-02-25T04:05:00.001-08:00</published><updated>2010-05-06T01:26:53.513-07:00</updated><title type='text'>चाय-कॉफी बनाये आपको स्मार्ट</title><content type='html'>कॉफी&lt;br /&gt;लोग अपने दिन की शुरूआत कॉफी से करते तो है पर उन्हे उसके फायदे तथा नुकसान का पता नहीं  है या फिर करना ही नहीं चाहते  कोई बात नहीं हम आपको इसके फायदे तथा नुकसान की जानकारी देंगे। कॉफी के फायदे तथा नुकसान&lt;br /&gt;*कॉफी में पाये जाने वाले तत्व&lt;br /&gt;कैफीन-वजन घटाने में मदद करती है अगर यही कॉफी की मात्रा बढा   दी जाये तो ये हमारी नींद हराम कर देगी।पेट में गड़बडी़ या फिर बेचैनी का कारण  भी बन सकती है।&lt;br /&gt;*कॉफीमें पाये जानेवाले मैग्नीशम-मेटाबॉलिज्म ,  हड्डियों   का विकास तथा मांसपेशियों में होनेवाले संकुचन व प्रसरण में अहम भूमिका निभाते  है।&lt;br /&gt;कॉफी में पाये जाने वाले नियासिन-थोडी मात्रा में लें तो पाचनतंत्र को सही रखता है नसों तथा त्वचा में होने  वाली प्रक्रिया में सहायक होता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* कॉफी में जो कैफीन होता  है वो वास्तव में याददाश्त बढ़ाती है, स्मृति से जुड़ी तंत्रिका कोशिकाओं के भागों को बढ़ाकर कैफीन तंत्रिका तंत्र में कैल्शियम स्तर में वृद्धि करती है, जो भूली बिसरी बातों को याद दिलाने में मदद करती है।&lt;br /&gt;*कॉफी कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करती है।&lt;br /&gt;*वैज्ञानिक एक अरसे से कॉफी पर अध्ययन करते आ रहे है उनका मत है कि कॉफी के कई फायदे हैं।&lt;br /&gt;*कॉफी दमे के मरीजों के लिये फायदे मंद है। ये दमे के तीव्र प्रभाव को कम करती है।&lt;br /&gt;*.यदि आप किसी काम में व्यस्त हैं, तो दो कप कॉफी आपकी एकाग्रता को बनाये रखती है।&lt;br /&gt;* यदि भोजन के बाद कॉफी लेते हैं, तो आपका आलस और नींद दूर भगाती है। आपके मूड को भी अच्छा बना देती है।&lt;br /&gt;* रात की शिफ्ट  में काम करने वालों के लिये कॉफी बूस्टर का काम करती है। रात की शिफ्ट में कार्य करने वालों की कार्य क्षमता को बढ़ाती है।&lt;br /&gt;*कॉफी का सेवन गर्भावस्था में कम ही करना चाहिये। परंतु एक आधा कप कॉफी ले सकती है।&lt;br /&gt;*एक कप कॉफी का असर 6से8 घंटे तक रहता है इस कारण दिन भर में दो कप कॉफी तो आप पी ही सकते हैं जो फायदे मंद हो सकती है। परंतु फायदे के चक्कर में इससे अधिक नहीं।&lt;br /&gt;*इस्तेमाल की गई कॉफी को पौधों में डालें इससे उनमें कीडे नहीम लगेंगें।&lt;br /&gt;(किई भी चीज अधिक मात्रा में नुकसान दायक होगी)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चाय का एक प्याला कितना निराला&lt;br /&gt;चाय हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। मगर फिर भी हम इसे कभी-कभी खास बनाते हैं। यही चाय जब हर्बल टी का रूप ले लेती है तो वह हमारी सेहत के लिये मददगार होती है।&lt;br /&gt;चाय को कई तरह से गुणकारी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;*हर्बल टी- चाय में अदरक, इलायची, लौंग काली मिर्च जैसी चीजें डाल दी जाय तो चाय के गुण सौ गुणा बढ़ जाते हैं।&lt;br /&gt;*अश्वगंधा टी— कहते हैं अगर कोई चाय में अश्वगंधा डालकर चाय इस्तेमाल करें तो आप में हार्स पावर जैसी शक्ति आ जाती है। शारीरिक, मानसिक क्षमता बढ़ती है। तनाव से मुक्ति मिलती है। स्मरण शक्ति बढ़ती है। ब्रेन ट्यूमर में फायदेमंद है।&lt;br /&gt;*मुलेठी टी- चाय बनाते समय अदरक इलायची का प्रयोग तो आप करते ही हैं उसी तरह मुलेठी पीसकर उसे चाय के साथ उबालें सर्दियों में ये बहुत फायदेमंद है आवाज में निखार आता है। गले की खराश ठीक होती है। अल्सर व लिवर जैसी समस्याओं में लाभप्रद है।अदरक के साथ बनाई जाये तो  इसकी गुणवत्ता बढ जाती है तथा डायबिटीस वालों के लिये अदरक की चाय रामबाण का काम करती है. .&lt;br /&gt;1. दिन में दो कप चाय ओवेरियन कैंसर से बचाती है।&lt;br /&gt;2. तीन चार कप हमें स्किन कैंसर से बचाती है।&lt;br /&gt;3. आर्थराटिस रोगी के लिये ग्रीन टी फायदेमंद है।&lt;br /&gt;4चाय में पाये जाने वाले पपॉलीफिनॉल्स खून में कॉलेस्ट्राल के स्तर को कम करने में मदद करता है।&lt;br /&gt;*हरी चाय पीकर आप अपने पर एक तरह का उपकार करेंगें।सूर्यकी अल्ट्रावायलेट किरणें तथा पर्यावरण में मौजूद कैमिकल त्वचाकी कोशिकाओं की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं जिससे कम  उम्र में भी तथा असमय झुर्रियों की वजह से बुढापे की झलक दिखाता है जिसे चाय में मौजूद एंटीओक्सीडेंट सूर्यकी अल्ट्रावायलेट किरणों के कुप्रभाव को कम करती है त्वचा को जवान रखने में मदद करती है ।टीबैग या फिर बिना दूध की चाय पियें ।गरम पानी तीन चार मिनट के लिये हरी चाय या टी बैग डालकर छोड़ देंफिर जरा सा दूध डालकर पियें इससे त्वचा जवान बनी रहेगी&lt;br /&gt;(जरूरत से ज्यादा कोई भी चीज नुकसान करती है) &lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; अधिक जानकारी के लिये क्लिक करें धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' 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Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4296584478982906824</id><published>2009-02-24T02:43:00.000-08:00</published><updated>2009-02-24T02:44:19.963-08:00</updated><title type='text'>गुलकंद</title><content type='html'>(गुलाब से बना टॉनिक) &lt;br /&gt;स्त्री हो या पुरूष सबके सौंदर्य का एक अनूठा टॉनिक है गुलकंद जो गुलकंद खाता है वो गुलाब सा हो जाता है ।&lt;br /&gt;बनाने की विधि –दो तीन अंजली भर कर गुलाब की ताजी व खुली पंखुडियॉं लें ,अब कांच की बडे मुंह की बोतल लें इसमें थोडी पंखुडियां डालें अब चाय का बडा चम्मच चीनी डालें फिर पंखुडियां फिर चीनी अब एक छोटा चम्मच पिसी छोटी इलायची तथा पिसा सौंफ डालें फिर उपर से पंखुडियां डालें फिर चीनी इस तरह से डब्बा भर जाने तक करते रहें इसे धूप में रख दें आठ दस दिन के लिये बीच- बीच में इसे चलाते रहें चीनी पानी छोडेगी और उसी चीनी पानी में पंखुडियां गलेंगी। (अलग से पानी नहीं डालना है) पंखुडियां पूरी तरह गल जाय यानि सब एक सार हो जाय ।लीजिये  तैयार हो गया आपका सौंदर्य बढाने व बनाने वाला टॉनिक गुलकंद।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4296584478982906824?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4296584478982906824/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4296584478982906824' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4296584478982906824'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4296584478982906824'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_24.html' title='गुलकंद'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-2562481839044737752</id><published>2009-02-16T07:18:00.001-08:00</published><updated>2010-05-06T01:39:08.609-07:00</updated><title type='text'>बच्चों के दांत निकलते समय बरतें सावधानी</title><content type='html'>छोटे बच्चों के दांत निकलते समय कई परेशानियों क्यों होती है। जैसे-दस्त, कारण जब बच्चा घुटने चलने लगता है, तो उसके आसपास जो भी चीजें होती है। वह सब मुंह में डालता रहता है। उसके अपने हाथ भी गंदे होते हैं। प्लास्टिक के खिलौने में मुंह डालता है। इसलिये बच्चों के आसपास की सफाई का विशेष ध्यान दें। उसके सारे खिलौने बराबर साफ करते रहें। उन्हें बाल वाले खिलौने बिल्कुल न दें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=404"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt; &lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-2562481839044737752?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/2562481839044737752/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=2562481839044737752' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2562481839044737752'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2562481839044737752'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_346.html' title='बच्चों के दांत निकलते समय बरतें सावधानी'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-9077291464271933943</id><published>2009-02-16T07:12:00.000-08:00</published><updated>2009-02-16T07:14:10.399-08:00</updated><title type='text'>मधुमेह (डायबिटीस)</title><content type='html'>पेशाब के साथ जब चीनी या मधु जैसा पदार्थ निकलने लगे तब उसे मधुमेह रोग कहलाता है। यह रोग बहुत धीरे फैलता है। जो बहुत दिनों तक तो इसका पता नहीं चलता रोगी को। अधिकतर ये रोग ज्यादा वजन वाले व्यक्तियों में (चाहे औरत हो या आदमी) में देखा गया है पहले ये रोग बड़ों को होता था परंतु अब बच्चों भी होने लगा है। यह वंशानुगत भी होता है।&lt;br /&gt;मधुमेह होने के कारण मैदे से बनी चीजें अधिक खाना, घी, तेल, मीठा, पौष्टिक भोजन कर श्रम न करना। इससे उच्च रक्तचाप अधिक हो जाता है। गुर्दे पर इसका खराब असर पड़ता है। मधुमेह के रोगी को अधिक प्यास लगती है। अधिक पेशाब लगती है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=406"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-9077291464271933943?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/9077291464271933943/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=9077291464271933943' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9077291464271933943'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9077291464271933943'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_7020.html' title='मधुमेह (डायबिटीस)'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-9159328094602375987</id><published>2009-02-16T07:10:00.000-08:00</published><updated>2010-05-06T01:39:51.974-07:00</updated><title type='text'>बच्चों को पीलिया रोग से बचायें</title><content type='html'>हेपेटाइटिस ‘ए’ पीलिया का एक बड़ा कारण है। हर प्रकार का हेपेटाइटिस अलग-अलग का होता है। हेपेटाइटिस ‘ए’ के टीके से हेपेटाइटिस ‘बी’ का बचाव नहीं हो सकता है। यदि पीलिया शिशुओं में हो, तो उसे गंभीरता से लें। एक पीलिया बच्चों में जन्म के उपरांत हो जाता है। पीलिया का यह रूप एक सामान्य बात हो गई है। सिजेरियन ऑपरेशन से जन्म लेने वाले बच्चों में ये पीलिया आमतौर पर देखा जाता है, जो जन्म के और एक दो दिन के बाद से शुरू होकर डेढ़ दो हफ्ते तक बना रहता है। ज्यादातर बच्चों में इसके उपचार की जरूरत नहीं पड़ती। परंतु यही पीलिया अगर बढ़ जाय, तो खतरनाक भी हो सकता है। इसका असर बच्चे के मस्तिष्क पर बुरा पड़ता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=411"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt; &lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-9159328094602375987?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/9159328094602375987/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=9159328094602375987' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9159328094602375987'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9159328094602375987'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_2214.html' title='बच्चों को पीलिया रोग से बचायें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-1840606448439148953</id><published>2009-02-16T07:09:00.000-08:00</published><updated>2009-02-16T07:10:18.450-08:00</updated><title type='text'>प्रकृति स्वयं में एक डॉक्टर है, इसके अनुकूल चलें</title><content type='html'>दैनिक दिनचर्या को सुधार कर आप रोगों से बचाव कर सकते हैं। जब भी मौसम बदलता है अधिक से अधिक लोग वायरल फीवर की चपेट में आ जाते हैं। इसका प्रमुख कारण अत्यंत व्यस्त जिंदगी में लोग अपने ऊपर जरा भी ध्यान नहीं दे पाते, न ही व्यायाम का समय मिलता है। इससे शरीर की रोग निरोधक शक्ति कम होती चली जाती है। रोग जल्दी-जल्दी आक्रमण करता है। हमें इस बात का ज्ञान नहीं है कि रोगों से लड़ने की शक्ति खुद हमारे शरीर में ही है। बस उसे थोड़ा सा खानपान सुधारने की जरूरत है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=423"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-1840606448439148953?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/1840606448439148953/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=1840606448439148953' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1840606448439148953'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1840606448439148953'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_2587.html' title='प्रकृति स्वयं में एक डॉक्टर है, इसके अनुकूल चलें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8847107390143717068</id><published>2009-02-16T07:06:00.000-08:00</published><updated>2009-02-16T07:08:33.394-08:00</updated><title type='text'>बाल को बनायें खूबसूरत</title><content type='html'>बाल आपकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। इसलिये बाल की खूबसूरती के लिये आप प्राकृतिक तरीके आजमायें। कृत्रिम तरीके तो बाजार में बहुत से उपलब्ध हैं। जिन्हें हर कोई नहीं इस्तेमाल कर सकता, जबकि उससे भी बढ़कर लाजवाब तरीके आपकी रसोई में भरे पड़े हैं। बाल का काले, चमकीले, घने और बड़े करने के तमाम तरीकें यहां मौजूद हैं।&lt;br /&gt;बालों की उत्पत्ति त्वचा के नीचे स्थित रोम कूट से होती है। प्रत्येक रोम कूप के नीचे रोम कोशिका या पैपिला होती है। यही पैपिला है, जो रक्त धमनियों से पोषक तत्व ग्रहण करती है। नये बालों को जन्म देती है। सामान्य व्यक्ति के 60 से 70 बाल रोजाना झड़ते हैं। बालों में रूसी होना बालों के प्रति लापरवाही की निशानी है। रूसी से बचने के लिये बालों की नित्य सफाई और कंघी करना जरूरी है। साबुन का प्रयोग कम करें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=438"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8847107390143717068?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8847107390143717068/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8847107390143717068' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8847107390143717068'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8847107390143717068'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2009/02/blog-post_16.html' title='बाल को बनायें खूबसूरत'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-7649538571574729265</id><published>2009-02-16T06:42:00.000-08:00</published><updated>2009-02-16T06:53:24.234-08:00</updated><title type='text'>चेहरे को निखारें</title><content type='html'>अपने मुखड़े को चांद का टुकड़ा बनायें। शायद इसीलिए स्त्रियां अपने चेहरे को निखारने के लिए प्रयासरत रहती हैं। इसके लिए महंगे सौंदर्य प्रसाधन इस्तेमाल करती हैं। सस्ते व आसान तरीकों से भी अपने मुखड़े को निखारा जा सकता है।&lt;br /&gt;-चेहरे पर गुलाबीपन लाने के लिये कच्चे दूध में नींबू का रस व नमक मिलाकर नहाने से पहले मलें। दूध में ब्रेड के काटन (साइड) भिगा दें। कुछ देर बाद उससे मुंह पर मालिश करें। कुछ ही दिनों में चेहरा फूल की तरह खिल जायेगा।&lt;br /&gt;- शहद में जरा सी हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगायें इससे चेहरे की मैल निकल जायेगी व चेहरा साफ व ताजातरीन होगा।&lt;br /&gt;- पुदीने की पत्तियों को उबलते पानी में डालें और फिर छान लें। इससे चेहरे की नियमित सफाई करने से चेहरा तरोताजा बना रहेगा।&lt;br /&gt;- केले को मैश करके एक चम्मच दूध मिलायें। इसे चेहरे पर लगायें। ठंडे पानी से छींटे भी मारें। पंद्रहृ-बीस मिनट बाद चेहरा थपथपा कर सुखा लें। इससे झुर्रियां दूर होंगी।&lt;br /&gt;- एक चम्मच सौंफ को पानी में अच्छी तरह से उबालें। जब गाढ़ी हो जाये, तो थीड़ी मात्रा में शहद मिला लें। इसे चेहरे पर लगाने के दस मिनट बाद धो लें। इससे झुर्रियां दूर होकर चेहरे पर चमक आयेगी।&lt;br /&gt;- आलू को कद्दूकस करके पूरे चेहरे पर लगायें। बीस मिनट रखें फिर धो लें। इससे चेहरा नरम होगा। अगर त्वचा तैलीय हो, तो ज्यादा फायदेमंद होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=434"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' 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Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4998232568877141512</id><published>2008-12-26T06:59:00.000-08:00</published><updated>2008-12-26T07:01:16.129-08:00</updated><title type='text'>आपको युवा बनाऐ रखने वाला आहार</title><content type='html'>यदि आप अधिक उम्र तक युवा बने रहना चाहते हैं तो स्वाद के लिए जीभ की सुनना छोड दें  नहीं तो आप असमय बुढ़ापे के शिकार होंगे। और अगर आप इस स्थिति तक पहुंच भी गये हों तो आप को निराश होने की जरूरत नहीं आप केवल अपने खान-पान में परिवर्तन कीजिये ऐसे भोजन चुनिये जिससे उम्र बढ़ने पर भी गठिया, मोतियाबिंद, पीठ दर्द, हृदय रोग, डायबिटीस पीछे न पड़ जाये बल्कि बुढ़ापा सुखपूर्वक बीते। अभी तक ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं बना जिसमें सभी पोषक तत्व एक साथ शरीर को उपलब्ध हो सकें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=144"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4998232568877141512?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4998232568877141512/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4998232568877141512' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4998232568877141512'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4998232568877141512'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/12/blog-post_26.html' title='आपको युवा बनाऐ रखने वाला आहार'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-7139991434873192896</id><published>2008-12-23T07:04:00.000-08:00</published><updated>2008-12-23T07:05:01.171-08:00</updated><title type='text'>सर्दी में त्वचा देखभाल</title><content type='html'>सर्दी के दिनों में ठंडी हवायें आपकी त्वचा को शुष्क बना देती है ,अगर आपने समय रहते इसकी देखभाल नहीं की तो त्वचा की चमक फीकी पड जायेगी। त्वचा को कोमल रखने या बनाने के लिये   इ स्तमाल करें—&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आयल बनायें – एक चम्मच जैतून का तेल ,एक चम्मच सरसों का तेल ,एक चम्मच तिल का तेल ,सभी तेल मिला लें ।नहाने से पहले  इस तेल को पूरे शरीर पर मालिश करें।यह तेल त्वचा के लिये बहुत बढिया है यह तेल त्वचा को मुलायम बनाता है ,तथा झाइयां दूर करता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=88"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-7139991434873192896?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/7139991434873192896/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=7139991434873192896' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7139991434873192896'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7139991434873192896'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/12/blog-post_4869.html' title='सर्दी में त्वचा देखभाल'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6756127431638293221</id><published>2008-12-23T06:59:00.001-08:00</published><updated>2008-12-23T06:59:59.622-08:00</updated><title type='text'>किसके साथ क्या न खायें, विषेश ध्यान रखें</title><content type='html'>* मांस, दूध साथसाथ सेवन न करें ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* दही गर्मकर व गर्म चीजोंके साथ न खायें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* खिचडी के साथ खीर ,मट्टाके साथ बेल फल कभी न खायें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;*  कांसे के बर्तन में दस दिन तक रखा घी नहीं खाना  चाहिये &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;*  पका हुआ खाना ,ठंडा काढा फिरसे गरम् करके सेवन नहीं करना चाहिये हानिकारक होता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* अनेक प्रकार के मांस एक साथ नहीं पकाना चाहिये  &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* करेला के साथ  दही, दूध वर्जित है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt; * सरसों के तेल में कबूतर का मांस नहीं पकाना चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=86"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6756127431638293221?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6756127431638293221/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6756127431638293221' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6756127431638293221'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6756127431638293221'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/12/blog-post_8822.html' title='किसके साथ क्या न खायें, विषेश ध्यान रखें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-2934040589698072497</id><published>2008-12-23T06:57:00.000-08:00</published><updated>2008-12-23T06:58:07.784-08:00</updated><title type='text'>जीवन के लिये संजीवनी है शहद</title><content type='html'>सृष्टि के प्रारंभ से आज तक नवजात शिशु का पहला भोजन शहद है। बाकि भोजन को शरीर को पचाना पड़ता है। मगर शहद एक पचा पचाया भोजन है। खाने के तुरंत बाद शहद शरीर का हिस्सा बन जाता है। इसे पचाने के लिये आंतों को श्रम नहीं करना पड़ता। शहद खाने वाले बच्चों का शरीर तेजी से बढ़ता है व ताकतवर होता है। निरोगी रहते है। कमजोर लोगों के लिये शहद अमृत है चाहे बच्चा हो या बूढ़ा। इसके गुणों के कारण यह टॉनिक माना जाता है। शहद में एक अनोखा गुण है। संसार की कोई भी मीठी चीज समय पाकर सड़ गल जाती है। पर शहद हजारों साल बाद भी ज्यों का त्यों ही रहता है। पानी में मिलकर पानी को अमृत बना देता है। शहद मनुष्य को दीर्घायु बनाता है। शहद सेवन करने वाले बच्चे मां का दूध पीने वाले बच्चों से भी ज्यादा हष्ट पुष्ट हो जाते हैं।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=98"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-2934040589698072497?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/2934040589698072497/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=2934040589698072497' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2934040589698072497'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2934040589698072497'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/12/blog-post_2113.html' title='जीवन के लिये संजीवनी है शहद'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-2178693866312427782</id><published>2008-12-23T06:43:00.000-08:00</published><updated>2008-12-23T06:46:58.120-08:00</updated><title type='text'>फल को कैसे खायें,कितना खायें</title><content type='html'>फलों की गिनती आप भोजन में भी कर सकती हैं कारण फल को खाया भी जाता है और पिया भी जाता है ,यानि फल का रस पिया जाता है ।केले को फलों में संपूर्ण आहार माना जाता है ।फल  तमाम व्यंजनो को बनाने मे भी इस्तेमाल किया जाता है स्वाद तथा खुशबू बढाने के लिये।फल एक ऐसा भोजन माना जाता है जिसमें हानिकारक कार्बन तथा कैलोरी भी नहीं होती। फलों को खनिज ,विटामिन्स,तथा रेशों का भरपूर स्त्रोत माना जाता है ।फलों में 75% पानी होता है जो  हमारे शरीर में पानी की जरूरत को पूरा करता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अधिक पका फल खाना स्वास्थ के लिये ठीक नहीं होता है ।एक वयस्क व्यक्ति के लिये आधा किलो फल एक दिन मे पर्याप्त है ।फल उचित मात्रा में ही खायें चाहे बच्चा हो या बडा ।सलाहकारों का कहना है कि लोग अपने बच्चों को अधिक से अधिक फल खिलाने की कोशिश करते हैं यहां तक कि खाने की जगह भी।परंतु शरीर का संतुलन बनाये रखने के लिये खाना खाना भी उतना ही जरूरी है ।यदि आप बच्चे को सेब दे रहे हैं खाने को, तो अच्छा ये होगा कि सेब का जूस दें।फल  खाने से हमें  फ्रूक्टोज  मिलता हैजो शरीर की जरूरत है ,एक व्यक्ति 25ग्राम, से ज्यादा फ्रूक्टोज पचा नहीं पाता ।खाली पेट अधिक फल न खायें.सेब,अनानास, आम इनमें फ्रूक्टोज कीमात्रा  अधिक पाई जाती है।      &lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=124"&gt;आगे पढ़े..&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' 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Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-1502011467061435258</id><published>2008-12-22T07:44:00.000-08:00</published><updated>2008-12-23T06:48:39.036-08:00</updated><title type='text'>जूस थैरपी</title><content type='html'>स्वस्थ व सुखी रहने के लिये रसाहार भी उतना ही जरूरी है जितना जरूरी अन्य आहार है। बीमारियों से लड़ने के लिये रस औषधि की तरह उपयोगी है। हमारे आहार का काम है शरीर में होने वाली क्षति एवं पूर्ति में मदद करना। फलों व सब्जियों में जो पोषक तत्व पाये जाते हैं वह हमें रोगों से मुकाबला करने की शक्ति देता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जूस थैरेपी से बहुत सी बीमारियों का मुकाबला किया जा सकता है। जैसे- सर्दी, फ्लू, जुकाम, वायरल फीवर। फल एवं सब्जी दोनों का रस लाभदायक होता है। इस रस में तमाम पौष्टिक तत्व होते हैं। हमें रस कब लेना चाहिये ये हमें पता होना चाहिये या फिर अपने डॉक्टर से परामर्श लें। जरूरत पड़ने पर फल एवं सब्जियों का जूस। रस मिलाकर भी ले सकते हैं। जूस थैरेपी में सब्जियों एवं फलों का रस मिलाकर लेने से कोई गलत या साइड इफेक्ट नहीं है। परंतु रस एवं जूस को मिलाते समय सावधानी बरतें कि किसे किसके साथ लेना है। कोई बीमारी आ जाने पर कमजोरी बढ़ जाती है जिसमें भोजन आसानी से खाया या पचाया नहीं जा सकता है तो हम जूस या रस थैरेपी को आसानी से उपयोग में ला सकते हैं जिससे हमारे शारीरिक व मानसिक कमजोरियों को दूर किया जा सकता है। कारण हमें रस एवं जूस से तमाम पौष्टिक तत्व आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में सब्जियों एवं फलों को रस उपयोगी होता है।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=126"&gt;आगे पढ़ें....&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-1502011467061435258?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/1502011467061435258/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=1502011467061435258' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1502011467061435258'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1502011467061435258'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/12/blog-post_22.html' title='जूस थैरपी'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4754765862178667123</id><published>2008-10-20T07:21:00.000-07:00</published><updated>2008-12-26T07:08:32.757-08:00</updated><title type='text'>स्वास्थ्य वर्धक टिप्स</title><content type='html'>स्वस्थ रहने के टिप्स&lt;br /&gt;1.चिरौजी चबा-चबा कर खाने से मुंह के छाले दूर होते हैं।&lt;br /&gt;2.अगर बदहजमी की वजह से पतली दस्त हो रही है तो अदरक पीसकर उसका रस नाभि पर मलें।&lt;br /&gt;3.कान के दर्द में अदरक या तुलसी का रस बिना पानी डाले कान में डालें&lt;br /&gt;4.चमेली और तुलसी के पत्ते चबाने से मुंह के छाले दूर होते हैं।&lt;br /&gt;5. नारियल का तेल रात को जीभ पर लगाकर सोने से छाले दूर हो जायेगे।&lt;br /&gt;6. सफेद जयंती की जड़ माथे पर बांधने से पुराना बुखार ठीक होता है।&lt;br /&gt;7. नलिनि की जड़ पीसकर स्तन पर लेप करने से स्तन में वृद्धि होती है।&lt;br /&gt;8. नकसीर में जिस नाक से खून आता हो, उसी साइड के पैर की सबसे छोटी अंगूली को डोरी से कसकर बांध दें। खून रूक जायेगा।&lt;br /&gt;9.छोटा बच्चा अगर सोते-सोते चौकता हो तो सिरहाने फिटकरी का टुकड़ा रख दें।&lt;br /&gt;10.दांत पीले हो तो, बेकिंग पाउडर में थोड़ा सा नमक मिलाकर रगड़े दांत सफेद हो जायेंगे।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=70"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4754765862178667123?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4754765862178667123/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4754765862178667123' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4754765862178667123'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4754765862178667123'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/10/blog-post.html' title='स्वास्थ्य वर्धक टिप्स'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8949405876348738511</id><published>2008-10-02T04:42:00.000-07:00</published><updated>2008-10-02T04:53:14.766-07:00</updated><title type='text'>स्त्रियों के रोग (WHITE   DIScharge ) (</title><content type='html'>स्त्रियों में यह रोग आम बात है ये गुप्तांगों से बहले वाला पानी जैसा स्त्राव होता है य़ह खुद कोई रोग नही होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण होता है इसके लिये सबसे पहले जरूरी है साफ सफाई,कब्ज दूर करना,चाय, मैदे की चीजें नखायें ,तली चीजें नखायें। ताजी सब्जियां फल अवश्य खायें काम ,क्रोध,ऊद्वेग से बचें। &lt;br /&gt;उपाय *आंवला पिसा एक चम्मच 2,3च.शहद रोज दिन मेंएक बार खायें।30दिनों तक।खटाई से परहेज करें ।&lt;br /&gt;*आंवले का रस वशहहद लगातार एख माह तक लें श्वेत प्रदर ठीक होगा,आंवला में विटामिन ,सी,होनेसे आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी।&lt;br /&gt;*केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें।केला दूध अच्छी डाईट है इससे आपकी सेहत भी ठक होगी।कमजोरी दूर होगी । ये कमसे कम तीन माह लगातार लें ,गर्म दूध में शहद न डालें&lt;br /&gt;*कच्चे केले की सब्जी खायें।&lt;br /&gt;*दो केले में शहद डाल कर खायें।&lt;br /&gt;*फालसा . मौसम में जितना खा सकें खायें।तथा शर्बत पियें। &lt;br /&gt;* टमाटर खायें, कच्चा खायें।&lt;br /&gt;*सिंघाडे का आटा ,रोटी खायें ,हलुआ खायें।&lt;br /&gt;*अनार के ताजे पत्ते मिलजायें तो 25,30,लें काली मिर्च के साथ पीसलें,उसमें आधा ग्लास पानी डालें छान कर रोजसुबह शाम पियें।&lt;br /&gt;*100,ग्राम.धुली मूंग तवे पर हल्का भून लें दो मुट्ठी चावल एक कप पानी, में भिगा दें,दाल को पीसकर रख ले शीशी में अब इस चूरण को चावल भीगे पानी के साथ एक कप में घोलकर पी जायें .फायदा होगा।&lt;br /&gt;*भुना चना पीसकर उसमें खाँण्ड मिलाकर खायें और एक कप दूध में देशी घी डालकर पियें ,फायदा होगा।&lt;br /&gt;*भुना जीरा चीनी के साथ खायें फायदा होगा।&lt;br /&gt;*गुप्तांगो को फिकरी के पानी से धोयें,सुबह शाम।&lt;br /&gt;*10ग्राम,सोंठ एक पाव पानी में डालकर काढा बनायें छानकर पीलें करीब 15,20,दिन लगातार पियें।&lt;br /&gt;*एक ग्रा.कच्ची फिटकरी पिसी हुई ,एक केले को बीच में से काटकर भर दें इसे दिन में या रात में एक बार खायें।सात दिन में प्रदर रोग ठीक हो सकता है।&lt;br /&gt;*तुलसी के पत्तों का रस ,उतना ही शहद लें,सुबह शाम चाटें&lt;br /&gt;*3ग्राम शतावरी या सफेद मूसली,3ग्रा,मिश्री,इनका चूरण सुबह शाम गरम दूध से लें।श्वेत प्रदर तो टीक होगा ही साथ कमजोरी तो ठीक होगी ही साथ स्वास्थ्य ठीक होगा।&lt;br /&gt;*माजू फल ,बडी इलायची,मिश्री,समान मात्रा में लेंकर पीस लें एक हफ्ते में ,दिन में तीन बार 21दिन तक लें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*सुबह शाम दो चममच प्याजका रस बराबर मात्रा मेंशहद मिलाकर पियें।&lt;br /&gt;*हल्दी चूरण चीनी के साथ लें श्वेत प्रदर ठीक होगा।&lt;br /&gt;*नागर मोथा ,लाल चंदन आक के फूल,चिरायता,दारूहल्दी,रसौता सबको 25,25 ग्रा. लें 3पाव पानी में उबालें आधा पानी रह जाय तो छानकर रख दें उसमे 100ग्रा.शहद मिलाकर दिन में दो बार50-50ग्रा.लें हर प्रकार का प्रदर ठीक होजाताहै।                   *तुलसी का रस 10 ग्रा.चावल के माड में मिलाकर पीने से एक सप्ताह में प्रदर रोग ठीक होगा।                   &lt;br /&gt;-इस दवा के खाने तक दूध भात खायें या भात खाना होगा।&lt;br /&gt;ईलाज के लिये जो भी चीजें इस्तमाल की गयी हैंवो सब ोाप की कमजोरी को दूर करने के साथ-साथ आपके शरीर को हष्ट पुष्ट भी बनायेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8949405876348738511?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8949405876348738511/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8949405876348738511' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8949405876348738511'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8949405876348738511'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/10/white-discharge.html' title='स्त्रियों के रोग (WHITE   DIScharge ) ('/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-9155260912663988817</id><published>2008-09-22T22:58:00.000-07:00</published><updated>2008-09-22T23:10:06.154-07:00</updated><title type='text'>2त्वचा का सौंदर्य निखारें</title><content type='html'>*त्वचा का रंग निखारने मे सबसे महत्वपूर्ण काम केसर का होता है&lt;br /&gt;*किसी भी पैक या उबटन मे केसर चुटकी भर डालें त्वचा मे निखार आयेगा .&lt;br /&gt;*प्रति दिन किसी भी तरह से कच्चा लहसुन खायेइससे रक्त का&lt;br /&gt;शुध्दीकरण होता है जिसके कारण चेहरे का रंग निखरता है।कोलेस्ट्रोल भी कम होता हैआपके शरीर की सुंदरता को निखारता है।&lt;br /&gt;*त्वचा को मुलायम बनानाहो तो किसीभीमसाज तेल में चुटकी भर लौग पावडर मिलादें फिर मसाज करें ।&lt;br /&gt;*दिन भर में कम ,से कम दस ग्लास पानी पियें&lt;br /&gt;*भोजन में दूध दही रोजाना लें&lt;br /&gt;*भरपूर नींद ले वरना चेहरे की चमक जाती रहेगी.&lt;br /&gt;*पेट हमेशा साफ रखें कब्ज न होने दें।&lt;br /&gt;*त्वचा की सफाई बराबर करती रहें वरना काला पन होजायेगा।&lt;br /&gt;*रोजाना सोते समयदालचीनी चूरण एक च शहद के साथले&lt;br /&gt;इससेसैंदर्यनिखरता है.&lt;br /&gt;*दाल चीनी पावडर पानी मे डालकर पीने से पानी की कमी दूरहोतीहै,&lt;br /&gt;*पानी मे डालकर नहाने से ,सौदर्य बढता है और भीनी भीनी खुशबू आती है।&lt;br /&gt;*दालचीनी त्वचा के लिये कंडीशनर का काम करता है&lt;br /&gt;*चेहरे पर दालचीनी शहद का पैक लगाये झुर्रिया नही पडेंगी&lt;br /&gt;*हाथों की कोहनी ,पैर की एडी की त्वचा सख्त हो जाती है तो छोटी इला.यची का चूरणकिसी क्रीम मे मिलाकर लगाने से तुरंत लाभहोगा।&lt;br /&gt;*ठंड के दिनो मे बेबीआयल मेंदालचीनी पावडर ,छो इला.यची पावडर डालकर स्नान के बाद मसाज करें त्वचा निखरती है व&lt;br /&gt;खुशबू आती है ।&lt;br /&gt;त्वचा का रंग निखारनेके लिये सबसे आसान हल्दी का प्र.योग है&lt;br /&gt;बेसन या आटा मे थोडी सी मलाई व हल्दी डालकर चेहरे पर मलें धीरे 2छुडाते रहें जब बत्ती बनकर उतरने लगे तबतक मले,हफ्ते मे दो बार करें।&lt;br /&gt;--*त्वचा को खूबसूरत बनाने के घरेलू उपाय *अण्डेकी सफेदी मे&lt;br /&gt;थोडीसा शहद मिलाकर इसका पैक बनाकर त्वचा पर लगाये ।&lt;br /&gt;बादाम ,लौग,को सम भाग मे लेकर पावडर बनाए आधा च पावडर को कच्चे दूध मे चुटकी भर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाये थोडी देर बाद धो ले&lt;br /&gt;लाल मसूर की दाल,दो बादाम रात मेभिगा दे सुबह पीसकरचेहरे&lt;br /&gt;मुरझाई त्वचा के लिये जैतून का तेल जल्द असर करता है बस तेल लगाकर थोडी देर छोड दे पंद्रह मिनट बाद धोले&lt;br /&gt;त्वचा कीनमी खो गईहै भीगी मूलतानी मिट्टी ,जैतून का तेल मिलाकर दस मिनट के लिये चेहरे पर लगाये फिर धो ले।&lt;br /&gt;मुरझाई त्वचा के लिये जैतून का तेल जल्द असर करता है बस तेल लगाकर थोडी देर छोड दे पंद्रह मिनट बाद धोले&lt;br /&gt;त्वचा कीनमी खो गईहै भीगी मूलतानी मिट्टी ,जैतून का तेल मिलाकर दस मिनट के लिये चेहरे पर लगाये फिर धो ले।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पर लगाये सूखने पर दूध से हटाय&lt;br /&gt;4अगर मुहासे हो जाये तो कैसे ,साफकरे&lt;br /&gt;पानी में नीम की कुछ पत्तियां डालकर रख दे इससे चेहरे को साफ करें दो तीन बार सुविधा नुसार मुह धोये&lt;br /&gt;नीम ,लौग,हल्दी गुलाबजल,चंदन,सबको मिलाकर लेपलगाये&lt;br /&gt;शहद दही मिलाकर चेहरे पर लेप लगाये प्राकृतिक नमी देगा&lt;br /&gt;कारणदही मे लैक्टिकएसिड होता है जो त्वचा पर निखार ला&lt;br /&gt;ता है&lt;br /&gt;चेहरे पर नीबू रस आलूका रस ,दूध,चोकर,मिलाकर उबटन लगाये.मुहासे जब निकलते हो तो उसपर बरफ लगायें ,,&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-9155260912663988817?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/9155260912663988817/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=9155260912663988817' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9155260912663988817'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9155260912663988817'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/09/2.html' title='2त्वचा का सौंदर्य निखारें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-7306098882723907052</id><published>2008-08-08T09:25:00.000-07:00</published><updated>2008-12-26T07:04:16.778-08:00</updated><title type='text'>सदाबहार नींबू है सर्वोत्तम रोगनाशक</title><content type='html'>नीबू आरोग्य एवं सौंदर्य प्रदाता है। नींबू की कई किस्में हैं। सभी किस्म उपयोगी व फलदायी हैं। नींबू का सेवन कैसे करें-&lt;br /&gt;हमें किसी भी चीज का सेवन करने के लिए जानकारी पहले जरूरी होती है।&lt;br /&gt;- नींबू का सेवन का सबसे आसान तरीका है कि एक गिलास गुनगुना पानी में नींबू निचोड़ लें।&lt;br /&gt;- नींबू में अग्नि का बल होता है। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक डालकर ही लेना चाहिए।&lt;br /&gt;- नींबू वर्षा काल में अधिक फायदेमंद होता है क्योंकि बरसात में हमेशा शरीर के अंदर दूषित तत्व (टॉक्सिक) बनते हैं। उन्हें नींबू दूर करता है। नींबू बरसात में होने वाली तमाम बीमारियों से बचाता है।&lt;br /&gt;- नींबू का रस हमेशा छानकर ही लेना चाहिए। नींबू का बीज लेना उचित नहीं है।&lt;br /&gt;- नींबू का रस कांच या मिट्टी के बर्तन में ही रखें। इसके पीछे कारण अन्य धातु में यह जहरीला हो जाता है।&lt;br /&gt;- जहां तक संभव हो कागजी नींबू इस्तेमाल करें।&lt;br /&gt;सावधानी- जिन लोगों को दमा, खांसी, जुकाम की शिकायत हो, उन्हें नींबू नहीं लेना चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=138"&gt;आगे पढ़ें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-7306098882723907052?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/7306098882723907052/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=7306098882723907052' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7306098882723907052'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7306098882723907052'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/08/blog-post.html' title='सदाबहार नींबू है सर्वोत्तम रोगनाशक'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-9204676846884005016</id><published>2008-06-04T23:20:00.000-07:00</published><updated>2008-06-06T03:04:47.089-07:00</updated><title type='text'>खट्टा ढोकला बनाएं</title><content type='html'>सामग्री – तीन कप चावल, एक कप उडद धुली, आधा कप खट्टा दही, हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट, तीन चौथाई चम्मच सोड़ा बाय कार्ब, हींग, काली मिर्च, हरी धनिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विधि- चावल, दाल अलग-अलग भिगोएं, सुबह पीस लें। इस मिश्रण में खट्टा दही डालें एवं गरम पानी डालें। गाढ़ा पेस्ट बनाएं। छह-सात घंटे के लिए रख दें। खमीर के लिए। खमीर उठ जाए, तो सोड़ाबाय कार्ब, हींग, अदरक, मिर्च, नमक, मिला दें और फिर फेंटे। एक थाली पर रिफाइंड लगाकर किनारे वाले बर्तन में पेस्ट डाल दें। ऊपर से काली मिर्च बुरक दें। दस मिनट तक भाप में पकाएं। ऊपर से हरी धनिया डाल दें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-9204676846884005016?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/9204676846884005016/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=9204676846884005016' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9204676846884005016'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/9204676846884005016'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/06/4.html' title='खट्टा ढोकला बनाएं'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6458791409976368617</id><published>2008-06-03T01:04:00.000-07:00</published><updated>2008-08-04T08:12:44.265-07:00</updated><title type='text'>स्वादिष्ट खाना बनाने के टिप्स</title><content type='html'>- स्वादिष्ट ग्रेवी बनाने के लिए प्याज, लहसुन, अदरक, पोस्ता और दो-चार दाने भूने हुए बादाम को पीस लें और इन सबको आंच पर भून लें।&lt;br /&gt;-करेले और अरवी को बनाने से पहले नमक पानी में भिगा दें। करेले की कड़वाहट और चिकनाहट निकल जायेगी।&lt;br /&gt;-दूध के किसी पकवान में स्वाद के लिये नींबू या कोई खट्टा फल का रस बूंद-बूंद कर डालें।&lt;br /&gt;-सब्जियों को उबालते समय थोड़ा नमक डालने से रंग नहीं बदलेगा।&lt;br /&gt;-यदि सब्जियों का रंग पकाने के बाद भी प्राकृतिक रखना हो, तो पकाते समय थोड़ा चीनी डाल दें।&lt;br /&gt;-तेल या घी में कोई चीज तलने से पूर्व तेल में सिरके की कुछ बूंदें डालिये। इससे उसमें स्वाद व रंग बढ़ेगा।&lt;br /&gt;-चाय को सुंगधित बनाने के लिये उबलते पानी में थोड़ा संतरे का सूखा छिलका डाल दें।&lt;br /&gt;-आलू उबालते समय थोड़ा नमक डाल दें। आलू फटते नहीं हैं तथा आसानी से छिल जाते हैं।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?cat=6"&gt;आगे पढें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6458791409976368617?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6458791409976368617/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6458791409976368617' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6458791409976368617'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6458791409976368617'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/06/blog-post_6702.html' title='स्वादिष्ट खाना बनाने के टिप्स'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6488049566048259804</id><published>2008-05-29T06:53:00.000-07:00</published><updated>2008-05-29T06:55:34.137-07:00</updated><title type='text'>चौलाई की औषधीय उपयोगिता-</title><content type='html'>औषधि के रूप में चौलाई के पंचाग यानि पांचों अंग जड़, डंठल, पत्ते, फल और फूल काम में लाये जाते हैं। इसकी डंडियों और पत्तियों में प्रोटीन, खनिज, विटामिन ए, सी प्रचुर मात्रा में है। इसका सेवन सब्जी या सूप के रूप में होता है। चौलाई पेट के रोगों के लिए गुणकारी है। इसमें रेशे, क्षार द्रव्य होते हैं, जो आंतों में चिपके हुए मल को निकालकर उसे बाहर धकेलते में मदद करते हैं। इससे पेट साफ होता है और कब्ज दूर होता है। पाचन संस्था को शक्ति मिलती है। छोटे बच्चों को यदि इसका दो-तीन चम्मच रस दिया जाय, तो कब्ज दूर करता है। दूध पिलाने वाली माताओं के लिए यह उपयोगी है। अगर उन्हें दूध कम उतरता है, तो चौलाई के साग का सेवन करें। चौलाई की जड़ को पीसकर चावल के माड (पसावन) में डालकर, शहद मिलाकर पीने से प्रदर रोग ठीक होता है। जिन स्त्रियों को बार-बार गर्भपात होता है। उनके लिए चौलाई साग का सेवन लाभकारी है।&lt;br /&gt;चूहे, बिच्छू, संखिया किसी की भी विष चढ़ गया हो, तो चौलाई का रस या जड़ का क्वाथ में काली मिर्च डालकर पीने से विष दूर हो जाता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6488049566048259804?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6488049566048259804/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6488049566048259804' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6488049566048259804'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6488049566048259804'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/05/blog-post_29.html' title='चौलाई की औषधीय उपयोगिता-'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-3677293841911841203</id><published>2008-05-27T00:49:00.001-07:00</published><updated>2008-05-27T00:51:50.609-07:00</updated><title type='text'>कुछ कारगर घरेलू ऊपाय</title><content type='html'>पायरिया के लिये हल्दी में सेंधा नमक सरसों का तेल मिलाकर दातों पर मलें .&lt;br /&gt;-त्वचा काली पड जाय तो हल्दी बादाम पीसकर दही में मिलाकर त्वचा पर लगायें.&lt;br /&gt;-बवासीर होने पर,हल्दी की भुनी हुई गांठ को पीसकर ग्वरपाठा के गूदे के साथ लेना चाहिये या हल्का गर्म मस्से पर लगायें &lt;br /&gt;-दही जमाना गुनगुने दूध में फिटकरी घुमाकर थोड़ा जामन डालकर रख दें,दही बाजार जैसा जमेगा.&lt;br /&gt;-मलाई जमा करनी हो तो उसमें एक चम्मच दही डालकर रख दें खराब नहीं होगी.&lt;br /&gt;-अगर डोसा क्रिस्प बनाना होतो उडद की दाल ,थोडी सी चने की दाल ,मेथी के दाने1/2.च. एक कटोरी मुरमुरे डालें डोसा क्रिस्प बनेगा.&lt;br /&gt;-भटूरे बनायें 500.ग्रा. मैदा.100.ग्रा.सूजी ½.च.बेकिंग पावडर ,एक चुटकी सोड़ाबाई कार्ब,1/2.कप दही ,2.च.चीनी,1कप पानी डाल कर गूदें,फिर लोई बनाकर ½ घं के लिये रख दें,फिर लोई बनायें फिर 10मि. के लिये छोड़ दें फिर बेले तलें.&lt;br /&gt;-मलाई कोफ्ते में थोडी सूजी डालें  टूटेगा नहीं.&lt;br /&gt;-केले सूती गीले कपडे में लपेटकर प्लास्टिक की थैली में रख दें,फ्रिज में भी काला नहीं पडेगा.&lt;br /&gt;एडियाँ साफ करनी हो तो कच्चे पपीते का दूध लगाकर छोड दें,आधे घंटे बाद साफ करें.&lt;br /&gt;चावल सुगंधित बनाना हो तो,चावल धोकर उसमें मीठी नीम की पत्ती डाल दें,फिऱ उबालें,चांवल सुगंधित बनेगा.&lt;br /&gt;-फ्रईड चावल में थोडा सा दूध छिडक दें चांवल अलग2 बनेगा.&lt;br /&gt;नये कूकर में यदि दूध उबालें या खीर बनांयें कभी काला नहीं पडेगा  .&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-3677293841911841203?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/3677293841911841203/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=3677293841911841203' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3677293841911841203'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3677293841911841203'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/05/blog-post_27.html' title='कुछ कारगर घरेलू ऊपाय'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-3335704840259281815</id><published>2008-05-26T08:15:00.000-07:00</published><updated>2008-05-26T08:18:13.808-07:00</updated><title type='text'>फल लाओ-काटो-खालो, नहीं तो क्या करें?</title><content type='html'>फल तो खाने के समान ही है। इसके बिना हमारे शरीर को जरूरी तत्व नहीं मिलेंगे, लेकिंन फल कब और कैसे खायें? इस बात पर भी जरा ध्यान दें, तो आपको अधिक फायदा हो सकता है।&lt;br /&gt;अक्सर हम फल को मिठाई की तरह खाते हैं। हमें फल हमेशा खाना खाने से पहले खाना चाहिए। खाली पेट फल खाना सर्वोत्तम है। अधिकतर लोगों का वहम होता है कि सुबह खाली पेट फल खाया, तो ऐसा होगा य़ा वैसा होगा। परंतु फल यदि खाली पेट खाया गया तो आपके शरीर का टॉक्सिक (गंदगी) आसानी से बाहर निकलेगा। ऊर्जा अधिक मिलेगी, बॉडी भी स्लिम होगी तथा स्फूर्ति रहेगी। अगर आप फल खाली पेट खायेंगे, तो आपकी बॉड़ी उसे तुरंत ग्रहण करेगी आंते साफ होगी कारण उसमें फाइबर अधिक होता है। खाली पेट फल खाने से आंते उसे तुरंत खींच लेती है तथा आंतों तो पूरी तरह साफ कर देती है मल को बाहर धकेलती है तथा कब्ज भी दूर होता है। अगर आपने सुबह पहले ब्रेड, बटर, रोटी, पराठे पहले खा लिये, तो वो हजम होने में काफी समय भी लगाता है तथा आंतों को साफ करने में भी कोई मदद नहीं करता है। फल पचने में हल्का होता है। आंतों को साफ कर पोषक तत्वों को हमारे शरीर में आसानी से पहुंचाता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-3335704840259281815?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/3335704840259281815/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=3335704840259281815' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3335704840259281815'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3335704840259281815'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/05/blog-post_26.html' title='फल लाओ-काटो-खालो, नहीं तो क्या करें?'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6470271590675835862</id><published>2008-05-09T06:46:00.000-07:00</published><updated>2008-05-09T06:47:30.597-07:00</updated><title type='text'>बड़ा ही गुणकारी है आम</title><content type='html'>* यदि गर्भवती महिलाएं आम अधिक मात्रा में खायें, तो शिशु का रंग गोरा होगा। &lt;br /&gt;* चेहरे के सौंदर्य के लिये आम के रस में शहद एवं दूध मिलाकर चेहरे पर आधा घंटा लगायें और फिर स्नान करें।&lt;br /&gt;* रक्त की कमी को दूर करता है ।&lt;br /&gt;* बाल झड़ने पर आम के पत्ते,कोमल डंठल पानी के साथ पीस लें या फिर पानी में उबाल लें और उससे सिर हफ्ते में दो बार धोयें काफी फर्क पड़ेगा।&lt;br /&gt;* कान में दर्द होने पर आम के पत्ते को पीसकर हल्का गर्म कर कान में तीन-चार बूंद डालें। दर्द ठीक हो जायेगा।&lt;br /&gt;* नपुसंकता की शिकायत में आम के रस में शहद मिलाकर पीने से लाभ होता है।&lt;br /&gt;* आंखों के घेरे में काले दाग या झांई हो, तो आम के रस में रूई भिगाकर लगायें।&lt;br /&gt;* लू लगने पर कच्चे आम का पन्ना (शर्बत) मीठा या नमकीन बना कर पीने से फायदा होता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6470271590675835862?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6470271590675835862/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6470271590675835862' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6470271590675835862'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6470271590675835862'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/05/blog-post.html' title='बड़ा ही गुणकारी है आम'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4883083835412415959</id><published>2008-04-23T00:50:00.000-07:00</published><updated>2008-04-23T00:53:31.574-07:00</updated><title type='text'>कई बीमारियों की एक दवा  : नीम</title><content type='html'>नीम एक ऐसा पेड़ है जो सबसे ज्यादा कड़वा होता है परंतु अपने गुणों के कारण चिकित्सा जगत में इसका अपना एक अहम स्थान है।&lt;br /&gt;नीम रक्त साफ करता है। दाद, खाज, सफेद दाग और ब्लडप्रेशर में नीम की पत्ती का रस लेना लाभदायक है। नीम कीड़ों को मारता है इसलिये इसकी पत्ती कपड़ों और अनाजों में रखे जाते हैं। नीम की दस पत्तियां रोजाना खायें रक्तदोष रहीं होगा। नीम के पंचांग जड़, छाल, टहनियां, फूल पत्ते और निंबोली उपयोगी हैं। इन्ही कारणों से हमारे पुराणों में नीम को अमृत के समान माना गया है। अमृत क्या है जो मरते को जिंदा करे। अंधे को आंख दे और निर्बल को बल दे। नीम इंसान को तो बल दोता ही है पेड़-पौधों को भी बल देता है जैसे- खेतों में नीम के पानी की दवा बनाकर डाला जाता है। अब तक तो आप समझ ही चुके होंगे कि नीम एक औषधि के रूप मे प्रयोग होता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नीम, आंख, कान, नाक, गला और चेहरे के लिए उपयोगी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आंखों में मोतियाबिंद और रतौंधी हो जाने पर नीम के तेल को सलाई से आंखों नें अंजल की तरह से लगायें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आंखों में सूजन हो जाने पर नीम के पत्ते को पीस कर अगर दाई आंख में है तो बाएं पैर के अंगूठे पर नीम का पत्ती को पीस कर लेप करें। ऐसा अगर बाई आंख में हो तो दाएं अंगूठे पर लेप करें। आंखों की लाली व सूजन ठीक हो जायेगी।&lt;br /&gt;अगर कान में दर्द हो या फोड़ाफुंसी हो गयी हो, तो नीम या निंबोली को पीस कर उसका रस कानों मे टपका दें। कान में कीड़ा गया हो, तो नीम की पत्तियों का रस गुनगुना करके इसमें चुटकी भर नमक डालकर टपकायें एक बार में ही कीड़ा मर जायेगा। अगर बहुत जरूरत हो तो दूसरे दिन डालें।&lt;br /&gt;अगर कान में दर्द हो तो 20ग्राम नीम की पत्तियां, 2 तोला नीलाथोथ (तूतिया) डालकर पीस लें इसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर सुखा लें फिर काले तिल या साधारण तेल में पका लें जब टिकिया जल जाये, तो इस तेल को छान कर रख लें अब एक तीली मे रूई लगा कर इस तेल में डुबाकर कान साफ करें बार बार रूई बदलें। अगर कान से पीप आ रहा है तो नीम के तेल में शहद मिलाकर कान साफ करें पीप आना बंद हो जायेगा।&lt;br /&gt;सर्दी जुकाम हो गया हो तो नीम की पत्तियां शहद मिलाकर चाटें। खराश ठीक हो जायेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ह्रदय रोग में नीम रामबाण का काम करता है। अगर आपको ह्रदय रोग हो, तो नीम की पत्तियों की जगह नीम का तेल का सेवन करें। नीम पीस कर त्वचा पर लगायें ज्यादा फायदा होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दांत और पेट के रोग का इलाज&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दांत और पेट का एक-दूसरे से सीधा संबंध होता है । दांतों से चबाया भोजन हमारे पेट में जाता है अगर दांत भोजन को चबाकर इस लायक नहीं बना पाते कि वह पेट मे जाकर आसानी से हजम कर सके, तो पेट खराब हो जायेगा। पेट खराब तो होगा ही साथ पेट की कई बीमारियां भी पैदा होगीं। इस कारण वैद्य लोग रोगों का इलाज पेट ही से शुरू करते थे। इसके पीछे कारण यह है कि पेट ठीक तो सब ठीक। इसके लिये दांतों को नीम, बबूल की दातुन से साफ करें अगर संभव हो तो एक बार घर पर ही इसका मंजन को बना लें जिसमें जली सुपारी, जले बादाम के छिलके, 100ग्राम खडिया मिट्टी, 20ग्राम बहेडे, थोड़ी सी कालीमिर्च, 5ग्राम लौंग, एक आधा ग्राम पीपरमिंट इन सब को पीस कर छान लें। इसे मंजन की तरह इस्तमाल करें। दांत की सब बीमारियां, पायरिया, दुर्गंध दूर हो जायेगी। साथ ही नीम के पत्ते भी चबाते रहा करें।&lt;br /&gt;अब पेट के बारे में देखें, अगर अपच हो जाये तो निंबोली खायें रूका हुआ मल बाहर निकालता है। रक्त स्वच्छ करेगा और भूख अधिक लगेगी। बासी खाना खाने से पित्त, उल्टियाँ हो, तो इसके लिये नीम की छाल, सोंठ, कालीमर्च को पीस लें और आठ-दस ग्राम सुबह-शाम पानी से फंकी लें। तीन चार दिनों में पेट साफ हो जायेगा। यदि दस्त हो रही हों, तो नीम का काढ़ा बनाकर लें।&lt;br /&gt;गंदे पानी के मच्छर, मक्खी से होने वाले रोग तेजी से फैलते हैं। इसका उपाय भी नीम से है पांच लौंग, पांच बड़ी इलायची, महानीम(बकायन) की सींके पीसकर। पचास ग्राम पानी में मिलाकर थोड़ा गर्म कर लें ये एक बाऱ की मात्रा है। इसे दो-दो घंटे बाद बनाकर देते रहें है। साथ –साथ हाथ पैरों मे नीम के तेल की मालिश भी करें। कमजोरी दूर होगी। अगर किसी रोगी को पेशाब नहीं आ रही है तो नीम के पत्ते पीसकर पेट पर लगायें ठीक हो जायेगा।&lt;br /&gt;यदि पेट में कीड़े हो, तो (बड़ा हो या बच्चा) नीम की नई कोपलें के रस में शहद मिलाकर चाटें कीड़े समाप्त हो जायेंगे। पानी में नीम के तेल की कुछ बूंदें डालकर चाय की तरह पी जायें बच्चे को 5बूंद बड़ों को 8 बूंद इससे ज्यादा नहीं लेना है। नीम के पत्ते जरा सी हींग के साथ पीस लें और चाट जायें पेट के कीड़े नष्ट हो जायेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;त्वचा व बालों का इलाज&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नीम का प्रयोग करें और निखारें अपना सौंदर्य। रक्त को शुद्ध करने के लिये नीम को एक वरदान ही समझिये। नीम की छाल का काढ़ा बनाकर पी लें। यदि नीम की नई कोपलें मिल जाये को 20-25 ले लें चार-पांच दाना काली मिर्च डाल कर बेसन की रोटी में मिलाकर बनायें घी में खूब तर कर लें। इस तरह कम से कम आठ दिन तक खायें। हाथ-पांव में अधिक पसीना आता हो, तो नीम रोगन का तेल अच्छी औषधि है।&lt;br /&gt;चेहरे पर कील मुंहासे होने पर नीम का तेल लगायें। झाईयां और चेचक दाग छुड़ाने के लिये निंबोती का तेल लगायें।&lt;br /&gt;फोड़ेफुसी हो, तो नीम की छाल घिसकर लेप करें।&lt;br /&gt;अगर बालों में लीख जुएं हो, तो नीम का तेल लगायें ।&lt;br /&gt;गंजापन हो गया हो तो नीम का तेल लगायें।&lt;br /&gt;बाल पकने लगे तो नीम तथा बेर की पत्तियां पानी में उबालकर उस पानी से सर धोयें।&lt;br /&gt;यदि बाल काले करना हो, तो नीम को पानी में उबाल कर सर धोयें। कम से कम एक महीना नतीजा आप के सामने होगा।&lt;br /&gt;कुष्ट रोग के लिये नीम एक वरदान के समान है इस रोग का इलाज नीम से हो सकता है। कुष्ट रोग फूट जाये तो नीम के नीचे सोयें, नीम खाओ, नीम बिछाकर सोयें।&lt;br /&gt;बुखार, पुराना बुखार, टाईफाइड हो, तो 20-25 नीम के पत्ती 20-25 काली मिर्च एक पोटली में बांधकर आधा किलो पानी में उबालें पानी खौलने दें ढक्कन लगाकर रखें, ठंडा होने पर चार हिस्सा बनाकर सुबह-शाम दो दिन तक पिलायें फिर देखे बुखार उतरा या नही। इस विधि से तो पुराना से पुराना बुखार भी उतर जाता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4883083835412415959?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4883083835412415959/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4883083835412415959' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4883083835412415959'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4883083835412415959'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_23.html' title='कई बीमारियों की एक दवा  : नीम'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8116989019669801112</id><published>2008-04-17T00:13:00.000-07:00</published><updated>2008-04-17T00:14:17.319-07:00</updated><title type='text'>रक्तचाप को नियंत्रित रखता है चुकंदर का रस</title><content type='html'>ब्रिटेन में किये अध्ययन से पता चला है कि अगर आप एक ग्लास चुकंदर का रस रोजाना पीते हैं, तो आप उच्च रक्तचाप की समस्या पर काबू पा सकते हैं। पेनिनसुला मेडिकल स्कूल के अध्ययन के अनुसार चुकंदर के रस में नाईट्रेट होता है जो उच्च रक्तचाप को घटा देता है। पत्तेदार सब्जियों में भी यही नाईट्रेट होता है। उचित मात्रा में पत्तेदार सब्जियां खाने से भी स्वास्थ्य ठीक रहता है क्योंकि उन सब्जियों में ऐंटीआक्सीडेट विटामिन पदार्थ पाया जाता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8116989019669801112?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8116989019669801112/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8116989019669801112' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8116989019669801112'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8116989019669801112'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_17.html' title='रक्तचाप को नियंत्रित रखता है चुकंदर का रस'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-2441176580346205312</id><published>2008-04-15T23:49:00.000-07:00</published><updated>2008-04-15T23:50:26.144-07:00</updated><title type='text'>सेहत के लिए गुणकारी है तरबूज</title><content type='html'>तरबूज में स्वाद के अलावा और कई गुण हैं, जो सेहत के लिये गुणकारी माना जाता है। आईये इसे हम भी जानें -&lt;br /&gt;* तरबूज में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर हार्टबीट को रेगुलेट करता है। इस तरह ह्रदयाघात का डर कम हो जाता है।&lt;br /&gt;* तरबूज में बीटाकैरोटीन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह कैंसर और कई क्रॉनिक डिजीज से बचाता है।&lt;br /&gt;* आप इन्हें चाहे काट कर खायें या जूस पियें। तरबूज को लाईकोपीन का अहम सोर्स माना जाता है। ये एक तरह का कैरोटीनाइड है। इसके ऊपर काफी शोध किया गया है और पाया गया है कि प्रोस्टेट, ब्लड कैंसर, लंगकोलन के कैंसर को   रोकने में मददगार साबित होते हैं।&lt;br /&gt;तरबूज  चाहे उसके गुणों को देखते हुये खायें या स्वाद के लिये खायें पर खायें जरूर ये आपको तमाम बीमारियों से बचाकर रखेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-2441176580346205312?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/2441176580346205312/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=2441176580346205312' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2441176580346205312'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2441176580346205312'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_15.html' title='सेहत के लिए गुणकारी है तरबूज'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-7331157740509508769</id><published>2008-04-14T23:40:00.001-07:00</published><updated>2008-04-14T23:40:32.559-07:00</updated><title type='text'>बवासीर दूर करने के नुस्खे</title><content type='html'>दो-दो ग्राम हरडका चूरा तथा गुड सुबह-शाम  खायें।&lt;br /&gt;सुबह खाली पेट 5 निंबोली बीज सहित खाने से रोग मिटता।&lt;br /&gt;कुछ समय पानी में अंजीर भिगोकर दोनों समय  खाने से लाभ होगा।&lt;br /&gt;नागेश्वर 1 भाग, तेज पत्ता 2भाग, पीसकर दोनों दिन में दो बार खायें।&lt;br /&gt;रोज काले तिल चबाकर ऊपर से गर्म पानी पीयें।&lt;br /&gt;जीरा 1 भाग,  काली मिर्च 2 भाग पीसकर सेंधा नमक  आधा भाग मिलाकर दिन में तीन बार लें।&lt;br /&gt;काली मिर्च पिसी को शहद अथवा मठे में  मिलाकर दिन में दो बार लगाने से वाह्य अरश में लाभ होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-7331157740509508769?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/7331157740509508769/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=7331157740509508769' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7331157740509508769'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7331157740509508769'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_14.html' title='बवासीर दूर करने के नुस्खे'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-1510446723273137174</id><published>2008-04-10T07:01:00.000-07:00</published><updated>2008-04-10T07:05:38.877-07:00</updated><title type='text'>दूध से निखरता है सौंदर्य</title><content type='html'>* दूध को शरीर पर मलने से त्वचा मुलायम और खिल जाती है।    &lt;br /&gt;* चिरौंजी को दूध के साथ पीसकर लगाने से त्वचा निखरती है।&lt;br /&gt;* आधा चम्मच काला तिल और आधा चम्मच सरसों को बारीक पीसकर दूध में मिलाने के बाद मुंहासे पर लगाते रहने से दाग दूर हो जायगा।&lt;br /&gt;* दूध में थोड़ा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाये मुंहासे दूर होते हैं।&lt;br /&gt;* बादाम, बेसन, गाजर का रस दूध में मिलाकर उपटन की तरह लगायें त्वचा में कमनीयता आती है।&lt;br /&gt;* नाखूनों को सुंदर बनाने के लिये कुछ देर दूध में भिगोकर रखें।&lt;br /&gt;* दूध व गुलाब जल मिलाकर लगाने से त्वचा का रंग निखरता है।&lt;br /&gt;* बर्तन धोने के बाद हाथ में दूध और नींबू का रस लगाने से आपके हाथ सुंदर होंगे।&lt;br /&gt;* रुई के फाहे से दूध को होठ पर लगाने से होठ का कालापन दूर होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-1510446723273137174?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/1510446723273137174/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=1510446723273137174' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1510446723273137174'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1510446723273137174'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_9697.html' title='दूध से निखरता है सौंदर्य'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8031966436872512599</id><published>2008-04-10T00:13:00.000-07:00</published><updated>2008-04-10T00:14:20.197-07:00</updated><title type='text'>अंकुरित अनाज और पौष्टिक आहार खायें</title><content type='html'>अधिकांश लोग अपने आहार पर ध्यान नहीं देते हैं। भोजन में सिर्फ अनाज की अधिकता होती है। फल तथा अंकुरित अनाज की मात्रा नहीं के बराबर होती है। हमें स्वस्थ रहने के लिये भोजन करना, तो जरूरी है ही  पर भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान देना  भी उतना ही जरूरी है।&lt;br /&gt;आजकल अधिकांश लोग कुपोषण के शिकार हो जाते हैं जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। कुछ लोग सोचते हैं कि हम महंगा फल, सब्जी, मेवा नहीं खा सकते शायद इसलिये हम बीमार होते हैं पर इसकी जगह हम जो मोटा अनाज खा रहे हैं उस पर ही अगर ध्यान दें कि उसे कैसे उचित तरीके से  खायें। महिलायें अपने परिवार ज्यादा ध्यान देने के कारण खुद पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं, जबकि उनके लिए भी पौष्टिक आहार जरूरी है और इसके लिये ऐसा कोई स्पेशल नहीं बनाना है। महंगी चीजें नहीं लानी है। बस उसी अनाज, सब्जी को सही तरीके खायें और परिवार में भी सबको दें। खासतौर पर गर्भावस्था में दोगुनी या अच्छे स्तर के पौष्टिक आहार लेने की जरूरत होती है तभी आप अपनी व होने वाले बच्चों की जरूरत पूरी कर सकती हैं। आजकल गांव में खून की कमी की शिकायत बढ़ती जा रही है। पोषक स्तर गिरता जा रहा है। सामान्यतः आहार में तीन तरह के खाद्य पदार्थ होते हैं-&lt;br /&gt;- पहला है कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त पदार्थ जो शरीर को उर्जा प्रदान करते हैं जैसे- अनाज, कंदमूल, फल, मेवा गुड़ तेल आदि।&lt;br /&gt;-दूसरे हैं प्रोटीन युक्त पदार्थ जो शरीर को बनाते हैं तथा उनकी क्षतिपूर्ती करते हैं जैसे- दूध, फल्लीदार अनाज, दालें, गिरीवाले फल, सोयाबीन आदि।&lt;br /&gt;-तीसरे हैं विटामिन एवं खनिजयुक्त पदार्थ जो शरीर की रक्षा करते हैं जैसे - हरी सब्जियां, दूध, पनीर, घी, मक्खन, गाजर, दालें फलों का रस अंकुरित अनाज।&lt;br /&gt;हम दो तरह से भोजन की पौष्टिकता को बढ़ा सकते हैं। पहला भोजन को मिश्रित पद्धति से और दूसरा अंकुरित पद्धति से। चोकर सहित रोटी बनायें उसी आटे में पत्तेदार सब्जियाँ मिलाकर, आटा, घी, गुड़ मिलाकर। मूंगफल्लीदाने, गुड मिलाकर लड्डू बनाकर। इस प्रकार हम कैल्शियम, विटामिन ए और बी के अलावा कैलोरिज़ अच्छी मात्रा में ले सकते हैं इसी तरह तमाम सब्जियों को मिलाकर सलाद एवं फ्रूट सलाद बना सकते हैं जो एक साथ कई फायदे देता है।&lt;br /&gt;इन चीजों को आप घर के आसपास अपने बगीचे में आसानी से उगा सकते है तथा पौष्टिक आहार आसानी से प्राप्त कर सकते हैं तथा उन्हें अपने आहार में सम्मिलित कर सकते हैं। बस थोड़ी सा शिक्षित होने की जरूरत है कि इसके सेवन से रोगों से लड़ने  की क्षमता बढ़ती है। जो लोग मोटा अनाज खाते हैं वे उन्हें अंकुरित कर खायें। ये पोषक एवं जीवंत आहार माना जाता है ये तुरंत शरीर को ताकत व उर्जा देता है। अनेक बीमारियों से हमें बचाता है। इसमें तीन गुण पाये जाते हैं-&lt;br /&gt;(1) इससे रक्त का शुद्धिकरण होता है।&lt;br /&gt;(2) पोषक तत्वों का स्त्रोत है।&lt;br /&gt;(3) प्राकृतिक पौष्टिक आहार है।&lt;br /&gt;यह सस्ता व बनाने में आसान है। चना, मूंग, गेहूं, सोयाबीन, मेथी अंकुरित किया जा सकता है। ये आहार आसानी से हमारा शरीर ग्रहण करता है  इसमें विटामिन तथा अन्य पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। स्वादिष्ट बनाने के लिये अनाज को अंकुरित कर उसमें खीरा, ककडी,टमाटर,प्याज,धनिया मिर्च,नींबू,तथा नमक मिलायें साथ काली मिर्च भी डालें। इन्हे खाने के बाद ये आसानी से पचाकर पुनः भूख लगने की क्षमता को बढ़ा देता है। इसे हम अपने सुबह के नाश्ते में शामिल कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि हम शहर में इन कैसे उगायें, तो निराश होने की जरूरत नहीं है आप शहर में भी अपने बगीचे में टेरेस के ऊपर गमलों में हरी सब्जियाँ उगा सकते हैं ताजी हरी सब्जियों का जूस निकाल कर तुरंत पी सकते हैं। मगर हम लोग सुबह ब्रेड, मक्खन, बाजारी जूस का नाश्ता करते हैं जो प्राकृतिक नहीं है। महंगी फल सब्जियों की तुलना में पत्तेदार हरी सब्जियों में विटामिन,लौह तत्व अधिक होते है जो शरीर को विकसित एवं स्वथ्य बनाये रखने में मदद करता है। इसके पीछे कारण यह है कि पौष्टिक तत्वों का स्त्रोत हैं हरी पत्तेदार सब्जियों में भरपूर लौह (कैरोटीन) की मात्रा होती है जो आखों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक विकास में सहायक है। गुड, चावल,चिवडा, शहद ,साबुदाना, शक्करकंद,आलू,बेल,केला खजूर,गन्ने का रस जौ,बाजरा ,गेहूं आदि में कार्बोहाइट्रेड की मात्रा अधिक पाई जाती है। पालक, हरीमेथी,चौलाई,बथुआ,सरसों का साग, चने का साग, फूलगोभी, पत्तागोभी इसमें सर्वोत्तम पौष्टिक तत्व मिलते हैं जैसे चौलाई, बथुआ में कैलशियम,विटामिन,ए,बी.एंव लौह तत्व पाये जाते हैं। कई इलाकों में महुआ, सांवा,पाया जाता है जिसमें कैलशियम,फसफोरस,लौह,कार्बोहाइट्रेड,विटामिन सी पाया जाता है जो गर्भावस्था में महिलाओं की जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में यह सब आसानी से मिल जाता है। इन चीजों को हम अपने दैनिक आहार में शामिल कर महिलाओं में खून की कमी को दूर कर सकते हैं। हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। अजन्मे बच्चों में शारीरिक व मानसिक दुर्बलता व अविकसितता के दूर किया जा सकता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8031966436872512599?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8031966436872512599/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8031966436872512599' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8031966436872512599'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8031966436872512599'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_10.html' title='अंकुरित अनाज और पौष्टिक आहार खायें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4132858106436950828</id><published>2008-04-08T06:25:00.000-07:00</published><updated>2010-05-06T01:29:42.501-07:00</updated><title type='text'>फेंके नहीं इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती</title><content type='html'>चाय बनाने के बाद छनी हुई चाय की पत्तियां अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन हम आपको यह बताएगें कि आप इन चाय की पत्तियों को फिर से कैसे इस्तेमाल करें -&lt;br /&gt;- हाथ-पांव या किसी अंग में कट गया हो और खून बह रहा हो, तो इसे भर दें।&lt;br /&gt;- बालों को मुलायम बनाने के लिए चाय की पत्ती को मेहंदी, आंवला के साथ सर पर लगायें अच्छी तरह सूख जाने पर धोयें।&lt;br /&gt;-चाय की पत्ती कपड़े में बांध कर उबलते छोले में डाल दें। इससे छोला रंगदार व स्वादिष्ट बन जाएगा।  &lt;br /&gt;-चाय की पत्ती को पानी में डालकर उबालें उस पानी से लकडी़ के फर्नीचर और शीशा साफ करें। दाग धब्बे छूट जायेंगे व चमकदार हो जाते हैं।&lt;br /&gt;-बनी हुई चाय की पत्ती अच्छी तरह धो लें। उसमें मिठास न रह जाय। उसे मनीप्लांट और गुलाब पौधे में डालें यह खाद का काम करेगी।&lt;br /&gt;-बनी हुई चाय की पत्ती दुबारा पानी में डाल कर उबालें। उस पानी से घी और तेल के डब्बे साफ करें। इससे डब्बे की दुर्गंध जाती रहेगी।      &lt;br /&gt;-जिस स्थान पर अधिक मक्खियां बैठ रही हों। वहां धोयी हुई चाय की पत्ती को गीला करके रगड़ दें।&lt;br /&gt;-चाय की पत्ती में थोड़ा सा विम पाउडर मिलाकर क्राकरी साफ करें। उसमें चमक आ जाएगी।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4132858106436950828?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4132858106436950828/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4132858106436950828' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4132858106436950828'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4132858106436950828'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_08.html' title='फेंके नहीं इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-1084950866061778874</id><published>2008-04-07T21:57:00.000-07:00</published><updated>2008-12-26T07:12:06.430-08:00</updated><title type='text'>वायरल फीवर से कैसे बचें?</title><content type='html'>हमारे देश में कई मौसम आते-जाते हैं जैसे सर्दी, गर्मी और बरसात। जब एक मौसम से दूसरे मौसम में होता बदलाव होता है, तो इसके बीच का समय सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। इसके पीछे कारण यह है कि हम इस बदलाव के लिए तैयार नहीं होते हैं या हम थोड़ी सी लापरवाही कर देते हैं, तो हमारे ऊपर बदलता मौसम असर कर जाता है और हम किसी न किसी परेशानी के शिकार हो जाते हैं -जैसे सर्दी, जुकाम बुखार(वायरल फीवर) हो जाता है। मौसम के आते भी व जाते भी, ये वायरल फीवर संक्रामक (एक दूसरे के साथ रहने से) होते हैं मतलब आपके सामने किसी ने छींका, खांसा या सांस भी ली, तो इसके कीटाणु हवा के जरिये दूसरे के नाक-मुंह से होकर शरीर के भीतर तक पहुंच जाते हैं।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.healandhealth.com/?p=108"&gt;आगे पढ़ें...&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-1084950866061778874?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/1084950866061778874/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=1084950866061778874' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1084950866061778874'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/1084950866061778874'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_6459.html' title='वायरल फीवर से कैसे बचें?'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6506259550037996851</id><published>2008-04-07T01:12:00.000-07:00</published><updated>2008-04-07T01:15:52.691-07:00</updated><title type='text'>घरेलू नुस्खे से दूर करें पुरुष अपनी समस्याऐं</title><content type='html'>शीघ्रपतन दूर करने के उपाय&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* दोनों पांव के तलवे पर पानी की धार डालें कम से कम दस मिनट तक दें।&lt;br /&gt;*धूप में सिद्ध किया पीली कांच की बोतल का पानी सुबह शाम  दो–दो चम्मच पियें।&lt;br /&gt;*अदरक का रस6ग्राम, सफेद प्याज का रस 10ग्राम, 5ग्राम शहद, गाय का घी 3ग्राम, सबको एक साथ मिलाकर रोजाना चाटें एक मास तक इससे हर तरह की मर्दाना ताकत बढ़ती है।&lt;br /&gt;*अदरक के रस में एक (half boiled egg) मिलाकर खायें यह प्रयोग रात्रि में करें। रोजाना, एक माह तक।&lt;br /&gt;* बादाम, काली मिर्च लें जरूरत अनुसार मिस्री मिलायें, सबको मिलाकर खा जायें ऊपर से एक ग्लास गरम दूध पी जायें।&lt;br /&gt;* सोठ, काली मिर्च, लौंग, जायफल, सूखा करी पत्ता इन सबको 50-50ग्राम लें पाचा कपूर5ग्राम, 10ग्राम केसर लें सबको अलग-अलग पीस मिला लें। अब केसर दूध में पीस लें। अपनी पाचन शक्ति अनुसार मात्रा में कम से कम एक माह तक लें। इससे शीघ्र पतन की शिकायत तो दूर होगी ही साथ आपकी काया भी सुंदर होगी।&lt;br /&gt;*ताल मखाने के बीज 60ग्राम लेकर अदरक के रस में भिगोयें फिर सुखायें। इस तरह तीन बार करें, फिर इसका चूर्ण बनाकर 200 ग्राम शहद में मिलाकर रख लें। इसे सुबह शाम 10-10ग्राम गाय के दूध के साथ लें यह अत्यंत लाभदायक है।&lt;br /&gt;*शतावर का चूरण लें एक तोला, मिस्री मिलें गरम दूध के साथ रोज सेवन  करें। शरीर बलवाल होगा।&lt;br /&gt;*प्रतिदिन 50ग्राम गुड अवश्य खाये।&lt;br /&gt;*एक चम्मच तुलसी के बीजों का चूरण, दो साबुत पान, 2रत्ती आक के फूल सबकी भस्म बनाकर पीस कें इसे रात में सोते समय एक ग्लास दूध के साथ लें।  &lt;br /&gt;*तुलसी के दो पत्ते, एक चम्मच बीज, पान में रखकर चबायें।&lt;br /&gt;*तुलसी के बीज का जड़ का टुकडा बराबर चूसते रहें करीब दो माह तक।&lt;br /&gt;*गाजर के रस में लहसुन की 10बूंद डालकर नित्य पियें सुबह शाम गाय का दूध पियें।&lt;br /&gt;*जामुन की गुठली सूखा कर पीस लें। इसे रोजाना आधा चम्मच खाकर गाजर का रस पियें एक माह तक।&lt;br /&gt;*सिंघाडे का हलुआ खाकर ऊपर से गाजर का रस  पियें।&lt;br /&gt;*दो तोला धुली उडद की दाल भिगाकर पीस लें। एक तोला घी आधा तोला शहद मिलाकर चाटें ऊपर से एक ग्लास मिस्री मिला दूध पियें। करीब तीन माह तक। अश्व जैसी शक्ति आ जायेगी।&lt;br /&gt;*शिलाजीत की शक्ति महान है इसे दूध के साथ रोजाला सेवन करें।&lt;br /&gt;*शतावर और असगंध का चूरण दूध के साथ रोजाना सें लाभ होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नपुसंकता दूर करने के उपाय &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;*तिल के तेल में दो ग्राम आक का तेल मिलाकर पूरे शरीर पर मालिश करें।&lt;br /&gt;*बताशे में 3बूंद आक का तेल डालकर एक माह तक सेवन करें।&lt;br /&gt;*100ग्राम गाजर के हलुआ में दो बूंद आक का दूध मिलाकर खायें।&lt;br /&gt;*100ग्राम मूली के बीज पीस लें। इसमें से 5-5गाम चूर्ण रोज दही के साथ चाटें।&lt;br /&gt;*100ग्राम लहसुन घी में भूनकर पीस लें। इसमें से दो चुटकी चूर्ण रोज दही या मट्ठे के साथ लें।&lt;br /&gt;*पीपल पर लगने वाला फल छाया में सूखा कर पीस लें। इस चूरण को एक चौथाई चम्मच (250ग्राम) दूध में डालकर पियें।&lt;br /&gt;*चिलगोजे (सूखा मेवा) इसे कम से कम दो माह तक रोज खायें। इसमें मर्दाना ताकत होती है। उसे लंबे समय तक खाने से कोई नुकसान नही है।&lt;br /&gt;*अदरक का रस यौनशक्ति बढ़ाता है। इसे एक चम्मच शहद के साथ रोज लें।&lt;br /&gt;*केले मे पाये जाने वाला पोटेशियम तत्व मानसिक तनाव दूर करता है।&lt;br /&gt;*अधिक मिर्च मसाला,खटाई वीर्य के जीवाणु नष्ट करता है।&lt;br /&gt;*बथुआ हर तरह से खायें फयदेमद है।&lt;br /&gt;*शकरकंद भूनकर या उबाल कर खाने से मर्दाना ताकत बढ़ती है।&lt;br /&gt;*छाछ नियमित पियें।&lt;br /&gt;*अजवाइन मिस्री बराबर मात्रा में पीसकर रख लें। सुबह शाम आधा चम्मच गरम दूध के साथ लें।&lt;br /&gt;*तरबूज, आलू, सेम, टमाटर, चुकंदर, भिंडी, पत्तागोभी अवश्य खायें। ये सभी यौनशक्ति को बढ़ाते हैं।&lt;br /&gt;शारीरिक, मानसिक व यौनशक्ति बढ़ाने के लिये निम्नलिखित चूर्ण का इस्तमाल करें&lt;br /&gt;विधि- 250ग्राम आंवला सूखा कूट कर पीस लें। 250ग्र.पिसी हल्दी मिलाकर देशी घी में भून लें। इसमें समान मात्रा में पिसी मिस्री मिला दें। यह शक्तिशाली चूरण तैयार अब इसे दो चम्मच सुबह-शाम गाय के दूध के साथ लें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्वप्नदोष दूर करने के उपाय&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;* लहसुन की दो कली कुचल कर निगल जायें। थोड़ी देर बाद गाजर का रस पीलें।&lt;br /&gt;*आंवले का मुरब्बा रोज खायें ऊपर से गाजर का रस पियें।&lt;br /&gt;*पके बेल का गूदा 10ग्राम, भांग 1ग्राम, धनिया10ग्राम व सौफ5ग्राम सबको एक ग्लास गाजर के रस में भिगा दें। सबको घोटकर पी जाये। कुछ दिन लगातार पियें।&lt;br /&gt;*तुलसी की जड़ के टुकड़े को पीसकर पानी के साथ पी जायें। अगर जड़ न मिले तो बीज 2 चम्मच शाम के समय लें।&lt;br /&gt;*काली तुलसी के पत्ते 10-12 रात में जल के साथ लें।&lt;br /&gt;*मुलहटी चूरण आधा चम्मच, आक की छाल का चूरण एक चम्मच दूध के साथ लें।&lt;br /&gt;*अदरक रस 2चम्मच, प्याज रस 3चम्मच, शहद 2चम्मच, गाय का घी2चम्मच, सबको मिलाकर चाटें स्वप्न दोष तो ठीक होगा ही साथ मर्दाना ताकत भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;*रात को एक लीटर पानी में त्रिफला चूर्ण भिगा दें सुबह मथकर महीन कपड़े से छानकर पी जायें।&lt;br /&gt;*सुबह नहाते समय पेट, पीठ, पैर के पंजे पर पानी की धार डालें।&lt;br /&gt;*रात को सोते समय हाथ पैर को धोकर सोयें।&lt;br /&gt;*नीम की पत्तियाँ नित्य चबाकर खाते रहने से स्वप्नदोष जड़ से गायब हो जाएगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6506259550037996851?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6506259550037996851/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6506259550037996851' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6506259550037996851'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6506259550037996851'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_07.html' title='घरेलू नुस्खे से दूर करें पुरुष अपनी समस्याऐं'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8828076314921466191</id><published>2008-04-04T00:17:00.000-07:00</published><updated>2008-04-04T00:18:49.041-07:00</updated><title type='text'>गुणकारी है प्याज का रस</title><content type='html'>प्याज का रस बड़ा ही गुणकारी है। आप इन नुस्खों को आजमायें-&lt;br /&gt;* मच्छर भगाने के लिये बिस्तर पर प्याज का रस छिड़क दें तुरंत मच्छर भाग जायेगा।&lt;br /&gt;* गठिया रोग में, प्याज के रस में जरा सा राई का तेल मिलाकर मालिश करें गठिया रोग में लाभ होगा।&lt;br /&gt;*चेहरे पर झांई मुंहासे हो तो मुंहासे पर प्याज का रस लगायें, झांई हो तो प्याज का बीज पीसकर उसमें शहद मिलाकर लगायें।&lt;br /&gt;* अगर कही पर आप जल जाय तो, प्याज को कुचलकर जले पर लगायें। तुरंत आराम मिलेगा।&lt;br /&gt;* कुत्ते के काटने पर, प्याज पीसकर लगा दें। प्याज का रस पिला दें खतरा नहीं रहेगा।&lt;br /&gt;* सांप के काटने पर, अधिक प्याज का रस पिला दें, विष उतर जायेगा।&lt;br /&gt;* जुकाम प्याज का रस सूंघने से ठीक हो जायेगा।&lt;br /&gt;* नकसीर (गर्मियों में नाक से खून आना) प्याज का रस सूंघने से ठीक हो जाता है। * अधिक पसीना (पसीने की बदबू) आता हो, तो कच्चा प्याज खायें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8828076314921466191?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8828076314921466191/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8828076314921466191' title='4 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8828076314921466191'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8828076314921466191'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post_04.html' title='गुणकारी है प्याज का रस'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>4</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6671761642622936826</id><published>2008-04-03T00:44:00.001-07:00</published><updated>2008-04-03T00:45:04.488-07:00</updated><title type='text'>भोजन का आदर्श चार्ट</title><content type='html'>सुबह के समय : शहद और अदरक का रस एक ग्लास गरम पानी के साथ लें।&lt;br /&gt;नाश्ते के समय : पांच बादाम या एक अंजीर, तुलसी, फल लें।&lt;br /&gt;भोजन से पहले : अंकुरित दालें खायें।&lt;br /&gt;दिन का भोजन : दो चपाती, हरी सब्जी, सलाद व दही खायें।&lt;br /&gt;शाम का भोजन : मौसम के अनुसार फल लें।&lt;br /&gt;रात का भोजन : सब्जी का सूप, हरी सब्जी, न्यूटरिला, चपाती-दाल खायें।&lt;br /&gt;उपर्युक्त आहार लेने से आपके शरीर का काया कल्प हो सकता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6671761642622936826?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6671761642622936826/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6671761642622936826' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6671761642622936826'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6671761642622936826'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/blog-post.html' title='भोजन का आदर्श चार्ट'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8850590456500489231</id><published>2008-04-02T00:19:00.000-07:00</published><updated>2008-04-02T00:23:42.943-07:00</updated><title type='text'>श्वेत प्रदर (White  Discharge) से बचाव  के उपाय</title><content type='html'>महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग आम बात है। ये  गुप्तांगों से पानी जैसा बहने वाला स्त्राव होता है। यह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण होता है। इसके लिये सबसे पहले जरूरी है साफ-सफाई, कब्ज दूर करना, चाय, मैदे की चीजें न खायें, तली चीजें न खायें। ताजी सब्जियां फल अवश्य खायें काम, क्रोध, उद्वेग से बचें।&lt;br /&gt;उपाय&lt;br /&gt;* आंवला पिसा एक चम्मच 2-3 चम्मच शहद रोज दिन में एक बार खायें। 30दिनों तक खटाई से परहेज करें।&lt;br /&gt;* आंवले का रस व शहद लगातार एक माह तक लें। श्वेत प्रदर ठीक होगा। आंवला में विटामिन सी होने से आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी।&lt;br /&gt;* केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाइट है इससे आपकी सेहत भी ठीक होगी। कमजोरी दूर होगी। ये कम से कम तीन माह लगातार लें, गर्म दूध में शहद न डालें।&lt;br /&gt;* केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाइट है इससे आपकी सेहत भी ठीक होगी। कमजोरी दूर होगी। ये कम से कम तीन माह लगातार लें, गर्म दूध में शहद न डालें।&lt;br /&gt;* कच्चे केले की सब्जी खायें।&lt;br /&gt;* दो केले में शहद डाल कर खायें।&lt;br /&gt;* फालसा मौसम में जितना खा सकें खायें तथा इसका शर्बत बनाकर पियें। &lt;br /&gt;* टमाटर खायें और हो सके तो कच्चा टमाटर ही खायें।&lt;br /&gt;* सिंघाडे का आटा, रोटी खायें, हलुआ खायें।&lt;br /&gt;* अनार के ताजे पत्ते मिल जायें तो 25-30 पत्ते लें और  काली मिर्च के साथ  पिसलें, उसमें आधा ग्लास पानी डालें छान कर रोज सुबह-शाम पियें।&lt;br /&gt;* 100 ग्राम धुली मूंग तवे पर हल्का भून लें दो मुट्ठी चावल एक कप पानी में भिगा दें, दाल को पीसकर रख ले शीशी में अब इस चूरण को चावल भीगे पानी के साथ एक कप में घोलकर पी जायें।&lt;br /&gt;* भूना चना पीसकर उसमें खाण्ड मिलाकर खायें और एक कप दूध में देशी घी डालकर पियें।&lt;br /&gt;* भूना जीरा चीनी के साथ खायें फायदा होगा।&lt;br /&gt;* गुप्तांगो को फिकरी के पानी से धोयें। सुबह-शाम।&lt;br /&gt;* 10ग्राम सोंठ एक पाव पानी में डालकर काढा बनायें छानकर पीलें। करीब 15-20 दिन तक लगातार पियें।&lt;br /&gt;* एक ग्राम कच्ची फिटकरी पिसी हुई, एक केले को बीच में से काटकर भर दें इसे दिन में या रात में एक बार खायें। सात दिन में प्रदर रोग ठीक हो सकता है।&lt;br /&gt;* तुलसी के पत्तों का रस, उतना ही शहद लें। इसे सुबह-शाम चाटें।&lt;br /&gt;*3 ग्राम शतावरी या सफेद मूसली, 3ग्राम मिश्री इनका चूरण सुबह-शाम गरम दूध से लें। श्वेत प्रदर तो ठीक होगा ही साथ कमजोरी तो ठीक होगी ही साथ स्वास्थ्य ठीक होगा।&lt;br /&gt;*माजू फल, बड़ी इलायची, मिश्री, समान मात्रा में लेंकर पीस लें एक दिन में तीन बार 21दिन तक लें।&lt;br /&gt;*सुबह-शाम दो चममच प्याज का रस बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पियें।&lt;br /&gt;*हल्दी चूरण चीनी के साथ लें श्वेत प्रदर ठीक होगा।&lt;br /&gt;* नागर मोथा, लाल चंदन आक के फूल, चिरायता, दारूहल्दी, रसौता सबको 25-25 ग्राम लें तीन पाव पानी में उबालें आधा पानी रह जाय तो छानकर रख दें उसमे 100ग्राम शहद मिलाकर दिन में दो बार 50-50ग्राम लें हर प्रकार का प्रदर ठीक हो जाता है।                 &lt;br /&gt; * तुलसी का रस 10 ग्राम चावल के माड में मिलाकर पीने से एक सप्ताह में यह रोग ठीक हो जाएगा। इस दवा के खाने तक दूध भात खायें या भात खाना होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इलाज के लिये जो भी चीजें इस्तमाल की गयी  हैं वो सब आपकी कमजोरी को दूर करने के साथ-साथ आपके शरीर को हष्ट-पुष्ट भी  बनाएगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8850590456500489231?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8850590456500489231/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8850590456500489231' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8850590456500489231'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8850590456500489231'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/04/white-discharge.html' title='श्वेत प्रदर (White  Discharge) से बचाव  के उपाय'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-3232733530004897379</id><published>2008-03-19T11:53:00.000-07:00</published><updated>2008-03-20T02:13:08.004-07:00</updated><title type='text'>गरमी में अमृत के समान है दही व मट्ठा</title><content type='html'>दही को बिलोकर मट्ठा बनता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दही पूर्ण भोजन है। इसमें सभी पौष्टिक तत्व मौजूद हैं। वसा, कैल्शियम, मैग्नेशियम, सल्फर, आयरन, सोडियम जैसे ये तत्व विटामिन्स के रूप में फलों की बराबरी करते हैं। तंदुरस्ती बढ़ाने वाले अनेक तत्व इसमें प्राकृतिक रूप में पाये जाते हैं। मट्ठा शरीर को निरोगी बनाता है। दही व मट्ठा बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिये अमृत के समान है।&lt;br /&gt;वैज्ञानिकों द्वारा यह सिद्ध किया चुका है कि दूध तो कभी-कभी नुकसान भी कर सकता है मगर मट्ठे में कोई हानिकारक तत्व नहीं होता है। मट्ठा एक औषधि के समान है। लोग दही व मट्ठा मुंह सिकोड़कर खाते हैं जबकि ये ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसकी किसी दूसरे खाद्य पदार्थों से कोई तुलना नहीं है। डॉक्टर और वैद्य मानते है कि दूध जल्दी हजम नहीं होता है कब्ज पैदा करता है, दही व मट्ठा तुरंत हजम हो जाता है। जिन लोगों को दूध नहीं हजम होता है। उन्हें दही या मट्ठा लेना चाहिये। दही को अच्छी तरह मथ लेने के बाद उसमें पानी डाल दिया जाय और फिर मथ लें। इसे जितना पतला बनाया जाय उतना ही फायदा करता है। इसमें काला नमक भुना पिसा जीरा डाल दें। फिर ये विद्युत के समान ऊर्जा देता है। ये वायु विकार तथा कई रोगों का नाशक बन जाता है। मट्ठा लेने से पाचन तंत्र प्राकृतिक रूप से काम करता है। मट्ठा पेट की तमाम बीमारियों का शत्रु है। इसके पीने से पेट की गरमी शांत होती है। मट्ठा पेट की मालिश करता है। आंतो को साफ व सक्रिय करता है। दही व मट्ठा दो अलग-अलग नहीं हैं दोनों में एक ही समान गुण हैं। अगर मट्ठा किसी चीज में मिलाया जाय, तो वो भी सुपाच्य हो जाता है जैसे चाट- पकौडे, रायता, सब्जी कढ़ी आदि। दही से मीठी लस्सी बनती है। लस्सी गरिष्ठ होती है किंतु नमकीन लस्सी जिसमें भुना जीरा व हींग का तड़का लगा हो वह अमृत समान है। खाना खाने के बाद आपको नमकीन मट्ठा पीना चाहिए। ये खाना तुरंत हजम कर देता है। मोटापे को नियंत्रित करता है। गरमी के मौसम में सेंधा नमक की लस्सी बहुत फयदा करती है। ताजा दही या मट्ठा आपके दिल को मजबूत बनाता है। आपकी आयु और कार्य क्षमता बढ़ती है। दही में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो कैंसर रोग को मारने में कारगर है अगर कैंसर की शुरूआत भी हो गई होतो नमकीन मट्ठा उसे जड़ से उखाड़ फेंकेगा। दही मट्ठा बालों को साफ करके उसको निखारता भी है। रुसी खत्म करता। दही व मट्ठा में वो गुण है जो बालों में घुमाव पैदा करता है। उसे घुंघराला बनाता है। दही से शरीर पर मालिश कर स्नान करने से त्वचा में कांती बढ़ती है। दही या मट्ठा में विषहरने की क्षमता है अगर किसी ने भांग, गांजा या कोई नशा किया हो, तो उसे कम करने के लिये नमकीन मट्ठा पिलाना चाहिए। मट्ठा पीलिया रोग में फायदा करता है।&lt;br /&gt;सावधानियां&lt;br /&gt;* मट्ठे को रखने के लिए पीतल, तांबे व कांसे के बर्तन का प्रयोग न करें। इन धातु से बनने बर्तनों में रखने से मट्ठा जहर समान हो जाएगा। सदैव कांच या मिट्टी के बर्तन का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;* दही को जमाने में मिट्टी से बने बर्तन का प्रयोग करना उत्तम रहता है।&lt;br /&gt;* वर्षा काल में दही या मट्ठे का प्रयोग न करें।&lt;br /&gt;* भोजन के बाद दही सेवन बिल्कुल न करें, बल्कि मट्ठे का सेवन अवश्य करें।&lt;br /&gt;* तेज बुखार या बदन दर्द, जुकाम अथवा जोड़ों के दर्द में मट्ठा नहीं लेना चाहिए।&lt;br /&gt;* क्षय रोगी को मट्ठा नहीं लेना चाहिए।&lt;br /&gt;* यदि कोई व्यक्ति बाहर से ज्यादा थक कर आया हो, तो तुरंत दही या मट्ठा न लें।&lt;br /&gt;* दही या मट्ठा कभी बासी नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसकी खटास आंतो को नुकसान पहुंचाती है। इसके कारण से खांसी आने लगती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-3232733530004897379?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/3232733530004897379/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=3232733530004897379' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3232733530004897379'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3232733530004897379'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_19.html' title='गरमी में अमृत के समान है दही व मट्ठा'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8838425883079037861</id><published>2008-03-18T02:59:00.000-07:00</published><updated>2010-05-06T01:31:02.175-07:00</updated><title type='text'>भोजन में किसके साथ क्या न खायें ?</title><content type='html'>* मांस व दूध साथ-साथ सेवन न करें।&lt;br /&gt;* दही गर्म करके व गर्म चीजों के साथ न खायें।&lt;br /&gt;* खिचड़ी के साथ खीर, मट्टा के साथ बेल फल कभी न खायें।&lt;br /&gt;* कांसे के बर्तन में दस दिन तक रखा घी नहीं खाना चाहिए।&lt;br /&gt;* पका हुआ खाना, ठंडा काढ़ा फिर से गरम करके सेवन नहीं करना चाहिए।&lt;br /&gt;* अनेक प्रकार के मांस एक साथ नहीं पकाना चाहिए।&lt;br /&gt;* करेला के साथ दही व दूध वर्जित है।&lt;br /&gt;* सरसों के तेल में कबूतर का मांस नहीं पकाना चाहिए।&lt;br /&gt;* मछली के साथ गुड या शहद नहीं खाना चाहिए।&lt;br /&gt;* उडद दाल अधिक गरमी में नहीं सेवन करना चाहिए।&lt;br /&gt;* सरसों का साग सिर्फ ठंड में ही खाना चाहिए।&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8838425883079037861?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8838425883079037861/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8838425883079037861' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8838425883079037861'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8838425883079037861'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_18.html' title='भोजन में किसके साथ क्या न खायें ?'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4416006289157489536</id><published>2008-03-16T20:46:00.000-07:00</published><updated>2008-03-16T20:54:46.345-07:00</updated><title type='text'>घरेलू इलाज से चर्म रोग दूर भगाएं</title><content type='html'>चर्म रोग कई प्रकार के होते हैं। इस तरह के सभी रोग परेशान करते हैं। इनका यदि समय पर इलाज नहीं किया गया, तो परेशानी बढ़ सकती है। कुछ चर्म रोग ऐसे होते हैं, जो कि पसीना अधिक आने की वजह से होते हैं जैसे- दाद,खुजती। ये छूत के रोग है। इनमें साफ सफाई की अधिक जरूरत है। खुद आपके ही शरीर पर तेजी से फैल सकते हैं। आपके द्वारा इस्तमाल की गई चीज अगर कोई दूसरा प्रयोग करे, तो उसे भी हो सकता है। ये रोग अधिकतर बरसात में होता है, जो बिगड़ जाने पर जल्दी ठीक नहीं होता है। सबसे पहले रक्त विकार दूर करें।&lt;br /&gt;दाद,खुजली अगर हो जाये, तो उस जगह का घरेलू उपचार ऐसे करें -&lt;br /&gt;*फटकरी के पानी से खुजली की जगह धोकर साफ करें, उस पर कपूर, सरसों का तेल लगाते रहे।&lt;br /&gt;*आंवले की गुठली को जलाकर राख कर लें, एक चुटकी फिटकरी, नारिययल का तेल मिलाकर लेप लगते रहें। खुजली ठीक हो सकती है।&lt;br /&gt;*रक्त विकार दूर करने के लिये अचार, मिर्च, खट्टी चीजें अधिक चीनी से बचें।&lt;br /&gt;*विटामिन ‘ए’ की कमी से त्वचा रोग होता है। इस कारण गाजर का जूस जब तक उपलब्ध हों अधिक पियें।&lt;br /&gt;*गाजर व खीरे का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चर्म रोग पर लगायें रोज दिन में चार बार,गाजर पालक का रस सुबह खाली पेट रोज पियें।&lt;br /&gt;*नीबू का रस, नारियल का तेल, कपूर मिलाकर एक्जिमा पर लगायें इससे टीक होगा।&lt;br /&gt;*कैसा भी चर्म रोग हो उसे नींबू पानी से धोते रहें अवश्य ही लाभ होगा।&lt;br /&gt;*रोज सुबह नींबू पानी पियें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*नींबू में फिटकरी भरकर पीड़ित स्थान पर रगड़ें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*चंदंन का भूरा नीबू का रस बराबर भाग में मिलाकर लगायें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*नीला थोथा, फिटकरी दोनों को भूनकर पीस लें, इसमें नीबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाकर दाद पर लगायें पुराना दाद भी ठीक होगा।&lt;br /&gt;*जायफल, गंधक, सिहागा को नीबू के रस में मिलाकर दाद खुजली पर लगायें ठीक होगा।&lt;br /&gt;*दाद व खाज के रोगी उबले नींबू का रस अजवाइन के साथ लें रोज सुबह शाम लें।&lt;br /&gt;*सुहागा पीसकर नीबूंका रस निचोडकर इस लेप को दाद खुजली पर लेप करें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*दाद को खुजलाकर दिन में चार बार उस पर नीबूं रगड़ें दाद ठीक होगा।&lt;br /&gt;*दाद पर सूखे सिघाडे को नीबू के रस में घिसें अब इसको दाद पर लगायें, पहले तो थोड़ी जलन होगी, फिर ठंडक पड़ जायेगी। दाद ठीक होगा।&lt;br /&gt;*तुलसी के पत्तों को नीबू के रस के साथ पीस कर चटनी बना लेंइसे कम से कम पंद्रह दिन तक लगाते रहें, दाद में आराम मिलेगा।&lt;br /&gt;*प्याज का बीज नीबू के रस के साथ पीस कर रोज पंद्रह दिन तक लगायें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*नहाते समय साबुन न लगायें, बल्कि पानी में नीबू का रस डालकर नहायें। खुजली, दाद फैलने का डर नहीं रहेगा।*चुकंदर के पत्तों का रस, नीबू का रस मिलाकर दाद पर लगायें जल्द ठीक होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4416006289157489536?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4416006289157489536/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4416006289157489536' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4416006289157489536'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4416006289157489536'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_16.html' title='घरेलू इलाज से चर्म रोग दूर भगाएं'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-5866001534855185338</id><published>2008-03-14T08:06:00.000-07:00</published><updated>2010-05-06T01:31:51.674-07:00</updated><title type='text'>सफेद दाग दूर करने के घरेलू नुस्खे</title><content type='html'>सफेद दाग को लोगों ने कुष्ट रोग का नाम दिया है, ऐसे नामों से प्रायः लोग घबरा जाते हैं मगर सफेद दाग छूत की बीमारी नहीं है। संक्रामक रोग नहीं है। केवल त्वचा का रंग बदल जाता है किसी कारण से। अगर सही समय पर इसका इलाज किया जायें, तो समय जरूर लगेगा परंतु यह ठीक हो सकता है। इसके इलाज के लिये धैर्य की जरूरत होती है। इलाज करते-करते इन दागों के बीच में काले काले धब्बे पड़ते है। इसके लिये घबराइये नहीं। काले निशान फैलते जानने का संकेत सफेद दाग के ठीक होने का है। धीरे-धीरे काले निशान फैलते जायेंगे और सफेदी खत्म होती जायेगी। त्वचा का रंग सामान्य होता जाएगा। सफेद दाग त्वचा पर क्यों होते हैं इसका कोई विशेष कारण साफ-साफ पता नहीं चला है। मगर फिर भी कुछ कारण ऐसे है जिनकी वजह से सफेद दाग होते हैं व तेजी से फैलते भी हैं जैसे-&lt;br /&gt;*विरोधी भोजन लेने से। दूध व मछली साथ-साथ न लें।&lt;br /&gt;*शरीर का विषैला तत्व (Toxic) बाहर निकलने से न रोकें जैसे- मल, मूत्र, पसीने पर डीयो न लगायें। *मिठाई, रबडी, दूध व दही का एक साथ सेवन न करें।&lt;br /&gt;*गरिष्ठ भोजन न करें जैसे उडद की दाल, मांस व मछली।&lt;br /&gt;*भोजन में खटाई, तेल मिर्च,गुड का सेवन न करें।&lt;br /&gt;*अधिक नमक का प्रयोग न करें।&lt;br /&gt;*ये रोग कई बार वंशानुगत भी होता है।&lt;br /&gt;*रोज बथुआ की सब्जी खायें, बथुआ उबाल कर उसके पानी से सफेद दाग को धोयें कच्चे बथुआ का रस दो कप निकाल कर आधा कप तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकायें जब सिर्फ तेल रह जाये तब उतार कर शीशी में भर लें। इसे लगातार लगाते रहें । ठीक होगा धैर्य की जरूरत है।&lt;br /&gt;*अखरोट खूब खायें। इसके खाने से शरीर के विषैले तत्वों का नाश होता है। अखरोट का पेड़ अपने आसपास की जमीन को काली कर देती है ये तो त्वचा है। अखरोट खाते रहिये लाभ होगा।&lt;br /&gt;*रिजका (Alfalfa) सौ ग्राम, रिजका सौ ग्रा ककडी का रस मिलाकर पियें दाद ठीक होगा।&lt;br /&gt;*लहसुन के रस में हरड घिसकर लेप करें तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से दाग मिट जाता है। *छाछ रोजना दो बार पियें सफेद दाग ठीक हो सकता है।&lt;br /&gt;*लहसुन के रस में हरड को घिसकर कर लेप करें साथ-साथ सेवन भी करें।&lt;br /&gt;*पानी में भीगी हुई उडद की दाल पीसकर सफेद दाग पर चार माह तक लगाने से दाद ठीक हो जायेगा।&lt;br /&gt;* हल्दी एक औषधि है। इससे त्वचा रोग में फायदा होता है। सौ ग्राम हल्दी, चार सौ ग्राम स्पिरिट (स्प्रिट) लेकर मिलायें और खाली शीशी में भर कर रख दें धूप में दिन में कम से कम तीन बार हिलायें जोर-जोर से। ये टिंचर का का करेगा दिन में तीन बार शरीर पर लगायें। हल्दी गर्म दूध में डालकर पियें छः महीने कम से कम।&lt;br /&gt;*तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर कूटपीस लें रस निकाल लें। आधा लीटर पानी आधा किलो सरसों का तेल डाल कर पकायें हल्की आंच पर सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। ये तेल बन गया अब इसे सफेद दाग पर लगायें।&lt;br /&gt;*नीम की पत्ती, फूल, निंबोली, सुखाकर पीस लें प्रतिदिन फंकी लें।सफेद दाग के लिये नीम एक वरदान है। कुष्ठ जैसे रोग का इलाज नीम से सर्व सुलभ है। कोई बी सफेद दाग वाला व्यक्ति नीम तले जितना रहेगा उतना ही फायदा होगा नीम खायें, नीम लगायें ,नीम के नीचे सोये ,नीम को बिछाकर सोयें, पत्ते सूखने पर बदल दें। पत्ते,फल निम्बोली,छाल किसी का भी रस लगायें  व  एक चम्मच पियेंभी।जरूर फायदा होगा कारण नीम खु में एक एंटीबायोटिक है।ये अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखता है। इसकी पत्तियों को जलाकर पीस कर उसकी राख इसी नीम के तेल में मिलाकर घाव पर लेप करते रहें। नीम की पत्ती, निम्बोली ,फूल पीसकर चालीस दिन तततक शरबत पियें तो सफेद दाग से मुक्ति मिल जायेगी। नीम की गोंद को नीम के ही रस में पीस कर मिलाकर पियें तो गलने वाला कुष्ठ रोग भी ठीक हो सकता है।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-5866001534855185338?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/5866001534855185338/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=5866001534855185338' title='12 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5866001534855185338'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5866001534855185338'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_14.html' title='सफेद दाग दूर करने के घरेलू नुस्खे'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>12</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8837311326506463562</id><published>2008-03-05T07:38:00.000-08:00</published><updated>2008-03-05T07:39:19.576-08:00</updated><title type='text'>एनीमिक होने से बचें</title><content type='html'>आम तौर पर लोग एनीमिया को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जबकि खून की कमी कई रोगों के आने का संकेत है। एनीमिया का मतलब खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होना है। लाल रक्त कण में हिमोग्लोबिन होता है, जो शरीर के कोने-कोने तक ऑक्सीजन पहुंचाने का एक मात्र जरिया है। इसी की कमी से एनीमिया रोग होता है। किसी-किसी को ये रोग वंशानुगत भी होता है या फिर किसी लंबी बीमारी के कारण भी हो जाता है।&lt;br /&gt;जब कीटाणु हमारे शरीर पर हमला करते हैं, तो उनसे लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इसकी वजह से मौसमी बुखार का सबसे पहले अटैक होता है। इसके कारण से शरीर कमजोर हो जाता है।&lt;br /&gt;एनीमिया की शिकायत महिलाओं में सबसे अधिक पायी जाती है। ऐसा मानना है कि भारतीय नारी जितना ध्यान अपने पति व बच्चों का देती हैं वह खुद पर नहीं रखती हैं। खासतौर से जब महिलाएं गर्भवती होती है, तो उन्हें उल्टी की शिकायत अधिक हो जाती है। इसकी वजह से उन्हें पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और वे केवल पसंद की चीजें खाना पसंद करती हैं। इस कारण से इस रोग की वे शिकार हो जाती हैं। साथ उनके होने वाले बच्चे भी एनिमिया के शिकार हो जाते हैं। यदि इसका इलाज समय पर नहीं हुआ, तो सेहत दिन-प्रतिदिन गिरने लगती है। इसके लक्षण साफ दिखाई देने लगता है। जैसे चलने या काम करने में जल्दी थक जाना, सांस फूलने लगना और चेहरे की लाली जाती रहती है। लौह तत्वों की पूर्ति ही इस रोग का निवारण है। आप सबसे पहले अपने खाने पीने पर ध्यान दें। इसके लिये विटामिन “सी” युक्त भोजन या पदार्थ लें जैसे-गाजर, टमामर ,नींबू  मौसमी आदि लें। इससे शरीर में आयरन(लौहतत्व) की पूर्ति होती है। हरी साग सब्जी लौह तत्व के मुख्य स्त्रोत हैं। अनाज, दालें उचित मात्रा में लें या फिर डॉक्टर के परामर्श पर आयरन की कैपसूल लें।&lt;br /&gt;कई बार बच्चे हो या बडे़ उनके पेट में कीड़े हो जाते हैं। ये दो तरह के होते हैं एक राउंड वर्म्स दूसरे हुक वर्म्स। हुक वर्म्स आदमी का खून पीते हैं। आपके द्वारा खाया गया खाना राउंड वर्म्स खा जाते हैं। दोनों का परिणाम एक ही है एनीमिया। ये वर्म्स गंदे पानी, गंदे बासी भोजन से, सब्जियों को बनाने से पहले ठीक तरह से सा़फ न करना। हमें हर अवस्था में दूध, दही अंकुरित अनाज हरी साग सब्जी फल की जरूरत है। महिलाओं अधिक माहवारी आने से या किसी लंबी बीमारी से भी एनीमिक हो जाती हैं। इस स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लें। रोज थोडी़-थोडी़ मात्रा में मूंगफली खायें, खाने के बाद गुड़ खायें, पानी खूब पियें, खुली हवा में सैर करें व अच्छी नींद लें। यदि इस तरह अपनी सेहत का पूरा ध्यान हर इंसान रखे तो उसे ये खून की कमी की बीमारी होगी ही नहीं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8837311326506463562?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8837311326506463562/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8837311326506463562' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8837311326506463562'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8837311326506463562'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_05.html' title='एनीमिक होने से बचें'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-5148162439575798779</id><published>2008-03-03T07:12:00.000-08:00</published><updated>2008-03-03T07:13:36.846-08:00</updated><title type='text'>कद बढ़ाने के आसान तरीके</title><content type='html'>कद बढ़ाने के लिये सूखी नागौरी, अश्वगंधा की जड़ को कूटकर बारीक कर चूर्ण बना लें। बराबर मात्रा में खांड मिलाकर किसी टाईट ढक्कन वाली कांच की शीशी में रखें। इसे रात सोते समय रोज दो चम्मच गाय के दूध के साथ लें। इससे दुबले व्यक्ति भी मोटे हो जायेंगे। कम कद वाले लोग लंम्बे हो सकते हैं। इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है। इस चूर्ण का सेवन करने से कमजोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है। इस चूर्ण को लगातार 40 दिन तक लेते रहें। इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से अधिक लाभ मिलता है।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff0000;"&gt;सावधानी—&lt;br /&gt;इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो, तो अश्वगंधा न लें।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;किसी कारणवश आप ये चूर्ण नहीं ले पा रहे हैं, तो सुबह व्यायाम करें। व्यायाम में ताड़ासन करना सर्वोत्तम है।&lt;br /&gt; ताड़ासन– दोनों हाथ उपर करके सीधे खड़े हो जायें, दीर्घ श्वास लें, हाथ ऊपर धीरे-धीरे उठाते जायें और साथ-साथ पैर की एडियां भी उठती रहे। पूरी एड़ी उठाने के बाद शरीर को पूरी तरह से तान दें और दीर्घ श्वास लें। इससे फेफडे़ फैलते हैं और स्वच्छ वायु मिलती भी है। ताड़ासन करने से स्नायु सक्रिय होकर विस्तृत होते हैं। इसी कारण यह कद बढ़ाने में सहायक साबित होता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-5148162439575798779?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/5148162439575798779/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=5148162439575798779' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5148162439575798779'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/5148162439575798779'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/03/blog-post_03.html' title='कद बढ़ाने के आसान तरीके'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-7627484882692614586</id><published>2008-02-27T08:16:00.000-08:00</published><updated>2008-02-27T08:21:08.700-08:00</updated><title type='text'>घर का डाक्टर अजवायन</title><content type='html'>*अजवायन से कैलशियम,फासफोरस,लोहा सोडियम व पोटेशियम जैसे तत्व मिलते हैं।&lt;br /&gt;*अजवायन प्रबल कीटनाशक है। यह पेट में सड़न रोकने वाली सभी औषधियों में उत्तम है।&lt;br /&gt;*प्रसूति स्त्रियों को अजवायन व गुड मिलाकर देने से भूख बढ़ती है।&lt;br /&gt;*प्रसव उपरांत इसका प्रयोग गर्म शोधक होता है। प्रसूति ज्वर व  कमर का दर्द ठीक करता है। गर्भाशय की गंदगी साफ करती है। गर्भाशय पूर्वास्थिती में आ जाता है। दूध ज्यादा उतरता है।&lt;br /&gt;*पाचन के लिये अजवायन बहुत महत्वपूर्ण है। पेट दर्द, अफारा, कफवात,बवासीर  आदि में बहुत हितकारी है।&lt;br /&gt;*अजवायन को सरसों के तेल में डाल कर पकायें उससे बच्चों को सर्दीजुकाम में तथा प्रसव उपरांत मालिश करें लाभ होगा।&lt;br /&gt;*दोपहर को भोजन के उपरांत चौथाई चम्मच पिसी अजवायन फांक लेने से खाना आसानी से हजम हो जाता है।&lt;br /&gt;*अजवायन को पान में रखकर खाने से पुरानी खांसी ठीक होती है।&lt;br /&gt;*यदि किसी के पैर में कांटा चूभा हो, तो अजवायन गुड मिलाकर बांधने से कांटा अपने आप निकल जाएगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-7627484882692614586?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/7627484882692614586/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=7627484882692614586' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7627484882692614586'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7627484882692614586'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/02/blog-post_27.html' title='घर का डाक्टर अजवायन'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-8113626375166453424</id><published>2008-01-23T06:10:00.000-08:00</published><updated>2008-01-23T06:17:06.373-08:00</updated><title type='text'>सर्वोत्तम है दूध</title><content type='html'>दूध में सर्वोत्तम गाय का दूध है। दूध अधिक देर तक गरम नहीं करना चाहिये। आधा किलो दूध अपने गुणों के अनुसार, एक पाव मांस व तीन अंडों से अधिक शक्तिवर्धक है। दूध अपने आप में सम्पूर्ण आहार है।&lt;br /&gt;दूध पीने का समय — सुबह लाभदायक होता है। इसका पाचन सूर्य की गरमी होता है। रात को न ही पियें तो ठीक रहेगा। अगर पीना जरूरी है, तो सोने से तीन घंटा पहले पियें। रात को ज्यादा गरम दूध पीने से स्वप्नदोष होता है।&lt;br /&gt;दूध कैसा पियें — इतना गरम पियें जितना पिया जाय। अधिक उबालें नहीं जीवनोपयोगी तत्व नष्ट हो जाते हैं। दूध में झाग वाला पियें।&lt;br /&gt;दूध में मिठास – चीनी न डालें, मीठा दूध कफ कारक होता है। चीनी मिलाकर पीने से कैलशियम नष्ट होता है इसमें प्राकृतिक मिठास होती है। अगर मीठे की जरूरत हो, तो शहद, मुनक्का या मिस्री डालें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शिशुओं का शक्तिदायक — बच्चे बड़े होने पर भी दुर्बल हों, तो दूध में बादाम मिलाकर पियें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एसीडिटी- जिन्हें पित्त हो (पेट से गले तक जलन) दिन में तीन बार ठंडा दूध पियें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;होठों का सौंदर्य- एक चम्मच दूध में केसर मिलाकर होठों की मालिश करें। कालापन दूर हो जायेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चेहरे का सौंदर्य —चेहरे पर झांई,कीलमुहांसे,दाग धब्बे दूर करने के लिये सोने से पहले चेहरे पर गरम दूध मलें और थोड़ी देर में धोलें। आपका सौंदर्य बढ़ेगा। दूध पानी मिलाकर चेहरे व शरीर पर मलें कुछ देर में धोलें साफ हो जायगा।&lt;br /&gt;आधा किलो दूध एक पाव गाजर कद्दूकस करके दूध में उबालें उसमें आयरन की मात्रा अधिक होगी।&lt;br /&gt;एक ग्लास दूध में एक चम्मच देशी घी, तीन चम्मच शहद डालकर पियें। बुढ़ापा शीध्र नहीं आयेगा।&lt;br /&gt;एक ग्लास दूध में 15 मुनक्का उबालें व ठंडा होने पर एक चम्मच देशी घी, तीन चम्मच शहद डालकर पियें वजन बढ़ेगा।&lt;br /&gt;दूध से बना दही- सर्वश्रेष्ठ आहार है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-8113626375166453424?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/8113626375166453424/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=8113626375166453424' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8113626375166453424'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/8113626375166453424'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/01/blog-post_23.html' title='सर्वोत्तम है दूध'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-4936643679529615465</id><published>2008-01-15T19:35:00.000-08:00</published><updated>2008-01-15T19:36:19.909-08:00</updated><title type='text'>ताकत के लिए कुछ टिप्स</title><content type='html'>बिस्तर पर पड़े  मरीज जिनमें खड़े होने की भी ताकत नहीं है। वे एक-एक चम्मच अदरक व आंवले के रस को दो कप पानी में उबाल कर छान लें। इसे दिन में तीन बार पियें। स्वाद के लिये काला नमक या शहद मिलायें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अगर आप दुर्बल हैं तो 50ग्राम किशमिश साफ जल में भिगोयें। प्रातः इसका सेवन करें। इसे लगातार तीन माह तक करें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अगर आपको भूख न लगती है, तो गन्ने के रस को एक उबाल देकर बोतल में भरे लें। एक सप्ताह बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पियें। इसका सेवन करने से आपको भूख खुल कर लगेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुड का शर्बत पीने से प्राण घातक लू से बचा जा सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रात्रि में गुड में मलाई  मिलाकर खायें और पानी पियें कुछ देर बाद आपको अच्छी नींद आ जायेगी। &lt;br /&gt;लकवा की बीमारी से पीड़ित लोग अगर 100 ग्राम शहद रोज खायें, तो उनके लिए यह लाभदायक होगा। &lt;br /&gt;श्वास व कफ संबंधी विकार अदरक के रस में शहद मिलाकर पीने से दूर हो जाती है।&lt;br /&gt;अदरक का सेवन करने से भूख भी बढ़ती है।&lt;br /&gt;अदरक रस बिना पानी डाले गरम करके कान में डालने से दर्द ठीक होता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-4936643679529615465?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/4936643679529615465/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=4936643679529615465' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4936643679529615465'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/4936643679529615465'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/01/blog-post_15.html' title='ताकत के लिए कुछ टिप्स'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-3007314338301040200</id><published>2008-01-08T07:30:00.000-08:00</published><updated>2008-01-08T07:43:23.715-08:00</updated><title type='text'>गुड के औषधिय गुण</title><content type='html'>खांसी सर्दी – ठंड लग जाने पर अक्सर सर्दी खांसी की शिकायत हो&lt;br /&gt;जाती है, ऐसी हालत में सोंठ और काली मिर्च का चूर्ण एक-एक ग्राम लेकर&lt;br /&gt;दस ग्राम गुड में मिलाकर सुबह-शाम खायें।&lt;br /&gt;अपच-गुड के साथ अजवाइन, भूना जीरा भोजन के उपरांत थोड़ा सा खा लें अफारा दूर हो जायेगा।&lt;br /&gt;बलवीर्य- पूरे शीतकाल तक काली तिल, गुड का लड्डू खालेने से शीत से&lt;br /&gt;बचाव होता है। बल वीर्यवर्धी होती है।&lt;br /&gt;ह्दयदुर्बलता- पुराना गुड ह्दय को बल देता है। भोजन के बाद पुराना गुड दोनों समय खाने से कमजोर ह्दय को बल मिलता है ।&lt;br /&gt;कांटा चुभना- कभी कांटा या कांच का टुकड़ा चुभ जाय, बाहर न निकल रहा हो,तो थोड़ा गुड गरम करके उस जगह पर बांध दें, कांटा अपने आप निकल जायेगा। वास्तव में गुड एक उपयोगी वस्तु है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-3007314338301040200?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/3007314338301040200/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=3007314338301040200' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3007314338301040200'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3007314338301040200'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/01/blog-post_61.html' title='गुड के औषधिय गुण'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-6597247152379176234</id><published>2008-01-03T06:33:00.000-08:00</published><updated>2010-05-06T01:32:38.131-07:00</updated><title type='text'>शक्तिवर्धक फल और सब्जियां</title><content type='html'>1. नींबूः उबले हुए एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर पीते रहने से शरीर के अंग में नयी स्फूर्ति का अनुभव होता है। नेत्रों की ज्योति बढ़ती है। मानसिक दुर्बलता दूर होती है। अधिक काम करने से भी थकावट नहीं आती है। ये नींबू पानी बिना चीनी-नमक के एक-एक घूट पीना चाहिए। अधिक बीमारी के बाद खाना खाने से कहीं ज्यादा नींबू पानी से स्फूर्ति आती है। पर रोज-रोज नहीं लेना चाहिए,आपका मोटापा कम हो जाएगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;2. एक कप उबला पानी में एक चुटकी सेंधा नमक,एक चुटकी काला नमक, एक चम्मच चीनी, दस बूंद नींबू का रस, भूना हुआ जीरा चौथाई चम्मच मिलाकर पिये। इसे चाय की जगह पर पी सकते है, यह पाचन शक्ति, शारीरिक शक्ति बढ़ता है। बीच-बीच में पीते रहे रोज सुबह शाम नहीं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;3. सेबः सेब में एसिड होता है। यह आंतों, यकृत व मस्तिक के लिये उपयोगी है। इसमें फॉसफोरस होता है, जो पेट साफ करता है। सेब, विटामिन व खनिज से भरपूर है।&lt;br /&gt;सेब काटकर उस पर उबलता पानी डालें जब पानी ठंडा हो जाये, तो सेब को मसल कर उसका शर्बत बनाये मिठास लाने के लिये मिश्री डालें। यह शरीर को शक्ति व स्फूर्ति देता है। गठिया रोग में दो सेब रोज खायें।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;4. पपीताः अच्छा पका हुआ पपीता ही खाना गुणकारी है। खाली पेट पपीता खाना ज्यादा लाभदायक होता है। इसके बाद दोपहर को भोजन के बाद पपीता खाने से भोजन ठीक से हजम हो जाता है। पपीता सेवन से रक्तवाहिनी शिराये कठोर नहीं होती रक्त सुचारु रूप से रहता है। ह्दय रोग में सबसे ज्यादा लाभदायक है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;5. आमः आम खाने से रक्त बहुत पैदा होता है। दुबले लोगों का वजन बढ़ता है। शरीर में स्फूर्ति आती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;6. अंगूरः ताजे अंगूर का रस कमजोरी को दूर करता है। यह रक्त बनाता है और रक्त पतला करता है। आपको मोटा करता है। श्वेत प्रदर में लाभ होता है। गर्भ का बच्चा स्वस्थ्य व बलवान होता है। शरीर को आयरन(Iron) मिलता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;7. मोनक्काः सर्दी के मौसम में मोनक्का लाभप्रद है। बीस मोनक्का गरम पानी में धोकर रात को भिगो दें। प्रातः पानी पीले तथा इसे खा लें। इसे नित्य प्रयोग करने से रक्त व शक्ति उत्पन्न होती है। दुर्बल और कमजोर रोगी को मोनक्का का पानी रोज पिलाये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;8. आंवलाः इससे सारे रोगों को दूर करने की शक्ति होती है। आंवला युवक को यौवन प्रदान करता है। इसमें विटामिन-सी सर्वाधिक होता है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवला शक्ति का भंडार है। आंवला किसी प्रकार भी खाये स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;9. केलाः भोजन के बाद केला खाने से ताकत मिलती है। मांसपेशियां मजबूत होती है। वीर्यवर्धक होता है। केला फल नहीं है। इसे रोटी की जगह खाना चाहिए। एक समय में तीन से अधिक केले नहीं खाना चाहिये। ताजा केला खाना सर्वोत्तम है। प्रातः दो केले पर थोड़ा सा घी लगाकर खाकर ऊपर से दूध पीयें। इससे शरीर पुष्ठ रहता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;10. अमरूदः इसमें विटामिन-सी 300 से 450 मिग्रा तक होता है। ह्दय को बल, शरीर को स्फूर्ति देता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;11. छुआराः इससे कैलशियम बहुत मिलता है। इसे खाकर ऊपर से दूध पीने से हड्डियों के सभी रोगों से निजात मिलता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;12. गाजरः रोज आधा गिलास शहद मिलाकर गाजर का रस पीने से कमजोरी दूर होती है। रक्त बढ़ता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;13. मूलीः गन्धक, पोटाश, आयोडीन, कैल्शियम, लोहा, फॉसफोरस, मैग्निशियम, क्लोरीन मूली में बहुतायत पाया जाता है। एक मूली रोज खाने से हड्डियां मजबूत होगी। ह्दय शक्तिशाली रहेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;14. टमाटरः प्रातः नाश्ते में एक ग्लास टमाटर का रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पिये। चहेरा टमाटर की तरह लाल हो जायेगा। स्मरण शक्ति बढ़ती है। हाईब्लड प्रेशर घटता है। भूख बढ़ती है। खून बढ़ाता है। रक्त में लाल कणों को बढ़ाता है। टमाटर में लोहा दुगना पाया जाता है। बच्चे को टमाटर का रस पिलाने से बलवान हष्टपुष्ट रहते हैं। बड़ी आंतों को ताकत देता है। उनके घाव को दूर करता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;15. आलूः आलुओं में मुर्गों के चूजों जैसी प्रोटीन होती है। बड़ी आयु वालों के लिये भी प्रोटीन होती है, छोटे बच्चे जो भोजन नहीं कर सकते उन्हें आलू उबाल कर या खिचड़ी में पकाकर देना चाहिये। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व विटामिन-सी होताहै.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;16. लहसुनः दिन में तीनों बार खाने के साथ खाने से बल बढ़ता है। पाचन शक्ति ठीक होती है। प्रातः चार दाने खाकर दूध पीने से वीर्य बढ़ता है। नपुंसकता जाती है। यदि लहसुन नियमित खायें तो बुढापा जल्दी नहीं आता। झुर्रि्यां नहीं पड़ती हैं क्योंकि धमनियों के सिकुडने से झुर्रियां पड़ती, त्वचा पर चमक आती है, रक्तचाप कंट्रोल करता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;17. मूंगफलीः इसमें प्रोटीन व चिकनाई अधिक मात्रा में पाई जाती है। इसकी चिकनाई घी से मिलती जुलती होती है। मूंगफली खाने से दूध बादाम घी की कमी पूरी होती है। अण्डे के बराबर प्रोटीन पाई जाती है। यह गर्म होती है इसलिए सर्दियों में खाना चाहिये, गरम प्रकृति के व्यक्तियों के लिये हानिकारक है ज्यादा खाने से पित्त बढ़ता है। गर्भावस्था में नित्य मूंगफली खाने से शिशु की प्रगति में लाभ होता है। कच्ची मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं को दूध बढ़ता है। सर्दियों में सूखापन आता हो तो मूंगफली के तेल, गुलाब जल मिलाकर मालिश करें। सूखापन दूर होता है। मुठ्ठी भर मूंगफली तमाम पोषक तत्वों को पूरा करती है।&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-6597247152379176234?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/6597247152379176234/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=6597247152379176234' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6597247152379176234'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/6597247152379176234'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2008/01/blog-post_03.html' title='शक्तिवर्धक फल और सब्जियां'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/2902276966643864758/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=2902276966643864758' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2902276966643864758'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/2902276966643864758'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2007/12/blog-post_31.html' title='नये वर्ष की शुभकामनाएं'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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सोने को प्राथमिकता दें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;*सोने से पहले चाय व काफी न पियें इससे मस्तिष्क की शिरायें उत्तेजित हो जाती हैं और गहरी नींद में बाधक होती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूरी नींद लेने से मानसिक व शारीरिक तनाव  व थकान दूर होती है,क्योंकि नींद&lt;br /&gt;सबसे बड़ा टॉनिक है। इससे पूरे शरीर को टॉनिक मिलता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-7338032307670057482?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/7338032307670057482/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=7338032307670057482' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7338032307670057482'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/7338032307670057482'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2007/12/blog-post_30.html' title='गहरी नींद के उपाय'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-3834390312010916934</id><published>2007-12-29T06:45:00.000-08:00</published><updated>2008-01-03T05:56:07.257-08:00</updated><title type='text'>कद बढ़ाने के आसान तरीके</title><content type='html'>वैसे तो कद अनुवांशिकता पर ही आधारित होता है फिर भी अगर कोई अपना कद बढ़ाना चाहते हैं, तो इन उपायों को अपनायें&lt;br /&gt;1.सूखी नागौरी, अश्वगंधा की जड़ को बारीक कूट पीस कर पाउडर बनाकर ढक्कन वाली शीशी में रख लें। इसमें बराबर मात्रा में खांड या मिस्री भी मिला दें। रोज रात में एक चम्मच चूर्ण खाकर गाय का दूध पियें। इससे पतले लोग मोटे, ठिगने लोग लंबे हो सकते है। इसके पीछे कारण यह है कि इससे नया खून बनना शुरू जाता है और तो और कमजोर इंसान भी फूर्ति महसूस करने लगता है। इस चूर्ण को आप लगातार चालीस दिन तक लेते रहें। जाड़े के दिनों में यह चूर्ण अधिक लाभकारी सिद्ध होता है। 2.किसी कारणवश आप ये चूर्ण नहीं ले पा रहे हों तो सुबह व्यायाम करें।&lt;br /&gt;3.ताड़ासन— दोनों हाथ को ऊपर उठाकर सीधे खडे़ हो जायें जोर से पूरी सांस लें धीरे-धीरे हाथ उपर उठाते जायें, सीने में सांस भरते जायें साथ-साथ एडियां उठाते जायें,जब सांस पूरी सीने में भर जाये व एडी पूरी ऊपर हो जाये, तो वहीं पर कुछ देर रूक जायें और शरीर को पूरी तरह से तान दें। इस तरह फेफडे़ को स्वच्छ हवा मिलती है जिससे फेफडे़ फैलते हैं इस ताड़ासन आसन से कद बढ़ता है, क्योंकि स्नायु सक्रिय होकर विस्तृत होते हैं व कद बढ़ाने में कारगर होते हैं। &lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff0000;"&gt;सावधानी—&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#ff0000;"&gt;इस चूर्ण का सेवन काल में खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो तो अश्वगंधा न लें।&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-3834390312010916934?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/3834390312010916934/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=3834390312010916934' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3834390312010916934'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/3834390312010916934'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2007/12/blog-post_29.html' title='कद बढ़ाने के आसान तरीके'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5133688953778936276.post-795644722962287656</id><published>2007-12-28T06:49:00.000-08:00</published><updated>2010-05-06T01:33:48.192-07:00</updated><title type='text'>पुरूषों में बाडी केयर के प्रति जागरूकता बढ़ी</title><content type='html'>जमाना बदल गया है अब पुरूषों को भी अपने आपको सुंदर व जवां बनाये रखना उतना ही जरूरी है जितना किसी महिला का,क्योंकि अब यह केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रह गया। नौकरी हो या इंटरव्यू, शादी-विवाह में पुरूष भी इसी होड़ में लगे हैं और फिर हों भी क्यों न, जमाना इसी का है। अपने को हर जगह आगे रखने के लिये काबलियत के साथ-साथ आकर्षक लुक का भी होना जरूरी है।&lt;br /&gt;आजकल पुरूषों के सौंदर्य प्रसाधन की मार्किट भी काफी गरम है, मेन्सपार्लरस भी पॉपुलर हैं। पुरूष अपनी पर्सनालिटी के हिसाब से हेयरस्टाइल पर काफी ध्यान दे रहे हैं। ड्रैस पर भी काफी ध्यान दे रहे हैं। आज हम देख रहे कि पुरूष भी इन सब चीजों में काफी पैसे खर्च कर रहे हैं। कुल मिलाकर अपने आप को समय के हिसाब से रखना ही समझदारी है। आजकल पुरूष भी बॉडी मसाज करवाते हैं, इसके दो फायदे भी हैं– एक तो शरीर स्वस्थ रहता है और साथ ही साथ सुंदर भी हो जाता है। पुरूषों की त्वचा कुछ सख्त होती है पर, इसे भी देखभाल की जरूरत पड़ती है। इनकी क्रीम कुछ अलग होती है,गोरा बनाने वाली क्रीम की जरूरत पहले औरतों को ही होती थी, लेकिन अब पुरूष भी गोरा दिखने के लिए इन क्रीमों की जरूरत महसूस होने लगी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आकर्षक बनने के टिप्स&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;-जो पुरूष ज्यादा धूप में काम करते हैं उन्हें १५ दिन में एक बार टोनिंग व ब्लीचिंग करवाना चाहिये।&lt;br /&gt;-फेशियल एक माह के अंतर पर ही करवायें वरना त्वचा खराब हो जाती है।&lt;br /&gt;-रात को सोते समय एलोवेरा क्रीम या विटामिन (ई) का प्रयोग करें।&lt;br /&gt;-त्वचा की चमक के लिये पानी अधिक पियें।&lt;br /&gt;-मुहासे होने पर काली मिर्च शहद मिलाकर लें या दालचीनी(पाउडर) और शहद मिलाकर चेहरे पर लगायें।&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://healandhealth.com/hi/"&gt;http://healandhealth.com/hi/&lt;/a&gt; इस पर क्लिक करें,अधिक जानकारी के लिये- धन्यवाद।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5133688953778936276-795644722962287656?l=healandhealth.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://healandhealth.blogspot.com/feeds/795644722962287656/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=5133688953778936276&amp;postID=795644722962287656' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/795644722962287656'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5133688953778936276/posts/default/795644722962287656'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://healandhealth.blogspot.com/2007/12/blog-post.html' title='पुरूषों में बाडी केयर के प्रति जागरूकता बढ़ी'/><author><name>Padma Srivastava</name><uri>http://www.blogger.com/profile/10129183111827123548</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://4.bp.blogspot.com/_EekM7YvScM0/SKBb0ZMMv5I/AAAAAAAAABM/ead2RPTtJSA/s1600-R/00.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry></feed>
